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PHYSICS
0.3 kg संहति के किसी पिण्ड पर आरोपित क...

0.3 kg संहति के किसी पिण्ड पर आरोपित कोई बल 25 s में उसकी चाल को 2.1 ms^-1` से `3.5ms^-1` कद देता है पिण्ड की गैती की दिशा अपरिवर्तित रहती है| बल का परिमाण व् दिशा क्या है?

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एक 5 kg द्रव्यमान वाली वस्तु पर 2s के लिये एक नियत बल कार्यरत होता है। यह वस्तु के वेग को 3m/s से बढा 7m/s कर देता है। लगाये गये बल की मात्रा ज्ञात करें

A boat takes half time in moving a certain distance downstream than upstream. The ratio of the speed of the boat in still water and that current is एक नाव की किसी निश्चित दूरी को धारा के विपरीत दिशा में जाने मे लगे समय की अपेक्षा धारा के दिशा मे जाने में आधा समय लगता है। शांत जल मे नाव और धारा की गति का अनुपात क्या है?

A train travelling at the speed of x km/h crossed a 200 m long platform in 30 seconds and overtook a man walking in the same direction at the speed of 6 km/h in 20 seconds. What is the value of x ? x किमी/घंटा की चाल से चलती हुई कोई ट्रेन 200 मीटर लंबे प्लेटफ़ॉर्म को 30 सेकंड में पार करती है तथा उसी दिशा में 6 किमी/घंटा की चाल से चल रहे एक व्यक्ति को 20 सेकंड हे छोड़ देती है | x का मान क्या है?

A train x running at 74 km/h crosses another train y running at 52 km/h in the opposite direction in 12 seconds. If the length of y is two-thirds that of x , then what is the length of x (in m)? 74 किमी/घंटा की चाल से चलने वाली एक ट्रेन x, 12 सेकंड में विपरीत दिशा से 52 किमी/घंटा की चाल से चलने वाली एक अन्य ट्रेन y को पार करती है। यदि y की लंबाई x की दो-तिहाई है, तो x की लंबाई (मीटर में) क्या है?

A train x running at 74km/hr crosses another train y running at 52km/h in the opposite direction in 12 seconds. If the length of y is two-third that of x, then what is the length of y(in m) ? 74 किमी/घंटा की चाल से चलने वाली एक ट्रेन x, 12 सेकंड में विपरीत दिशा में 52 किमी/घंटा की चाल से चलने वाली एक अन्य ट्रेन y को पार करती है। यदि y की लंबाई x की दो-तिहाई है, तो y की लंबाई (मीटर में) क्या है?

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौडाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भंवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। निम्न में से कौन-सी विशेषता बाजार की नहीं है ?