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PHYSICS
एक अवतल दर्पण की मुख्य अक्ष पर ध्रुव से ...

एक अवतल दर्पण की मुख्य अक्ष पर ध्रुव से दुरी 30 सेमी पर स्थित वस्तु का प्रतिबिंब वस्तु के ऊपर ही बनता है | दर्पण की फोकस दूरी क्या होगी ?

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From an external point P, a tangent PQ is drawn to a circle, with centre O, touching the circle at Q. If the distance of P from the centre is 13 cm and the length of the tangent PQ is 12 cm, then the radius of the circle is: एक बाहरी बिंदु P से, केंद्र O वाले एक वृत्त पर एक स्पर्श रेखा PQ खींची जाती है, जो वृत्त को Q पर स्पर्श करती है | यदि केंद्र से P की दूरी 13 सेमी है तथा स्पर्श रेखा PQ की लंबाई 12 सेमी है, तो वृत्त की त्रिज्या कितनी होगी ?

यदि कोई वस्तु समतल दर्पण से 5cm दूर है तो वस्तु एवं प्रतिबम्ब के मध्य दूरी ज्ञात कीजिये

The cost price of two articles is the same. One article among them is sold at a profit of 15% and the other is sold at a profit of 12%. if the difference between their selling prices is Rs 18, what is the cost price of each article? दो वस्तुओं का क्रय मूल्य समान है | इनमें से एक वस्तु 15% के लाभ पर तथा दूसरी वस्तु 12% के लाभ पर बेची जाती है | यदि उनके विक्रय मूल्य में 18 रुपये का अंतर है, तो प्रत्येक वस्तु का क्रय मूल्य क्या है ?

दर्पण सूत्र न्यूटन का सूत्र एक दर्पण की शक्ति पर प्रश्न

If the selling price of an article is 8% more than the cost price and the discount offered is 10% on the marked price of the article, then what is the ratio of cost price to the marked price? यदि एक वस्तु का विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से 8% अधिक है तथा वस्तु के अंकित मूल्य पर 10% की छूट दी जाती है, तो क्रय मूल्य तथा अंकित मूल्य के बीच क्या अनुपात है ?

In a circle two equal and parallel chords are 6 cm apart and lie on the opposite sides of the centre of the circle.If the length of each chord is 8 cm, than the radius of the circle is: एक वृत्त में दो बराबर और समान्तर जीवाएँ 6 cm के दुरी पर हैं और वृत्त के केंद्र के विपरीत भाग पर स्थित हैं। यदि प्रत्येक जीवाएँ की लंबाई 8 सेमी है, तो वृत्त की त्रिज्या है:

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए!

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