Home
Class 11
PHYSICS
किसी लुढ़कते हुए छल्ले की सम्पूर्ण गतिज ऊ...

किसी लुढ़कते हुए छल्ले की सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए, यदि छल्ले का द्रव्यमान, वेग तथा त्रिज्या क्रमशः `m,v` तथा `R` हैं।

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

A hollow sphere is melted to form small identical hollow spheres. Inner and outer radius of the bigger sphere are 4 cm and 6 cm respectively. If inner and outer radius of the smaller sphere are 2cm and 3 cm respectively, then how many smaller spheres can be formed? एक खाली गोले को पिघलाकर समान खाली छोटे गोले बनाए गए हैं। बड़े गोले की आंतरिक तथा बाह्य त्रिज्या क्रमशः 4सेमी तथा 6सेमी है। यदि छोटे गोले की आंतरिक तथा बाह्य त्रिज्या क्रमशः 2 सेमी तथा 3 सेमी है, तो कितने छोटे गोले बन सकते हें?

The volume of a right circular cylinder is 3 times the volume of a right circular cone. The radius of the cone and the cylinder are 3cm and 6cm respectively. If the height of the cylinder is 1cm, then what is the slant height of the cone? किसी लम्ब वृत्तीय बेलन का आयतन एक लम्ब वृत्तीय शंकु के आयतन से तीन गुना है | शंकु तथा बेलन की त्रिज्या क्रमशः 3 सेमी और 6 सेमी है | यदि बेलन की ऊंचाई 1 सेमी है, तो शंकु की तिर्यक ऊंचाई ज्ञात करें |

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। भारत की शस्यश्यामला भूमि में जो निसर्ग-सिद्ध सुषमा है, उस पर भारतीय कवियों का चिरकाल से अनुराग रहा है। यों तो प्रकृति की साधारण वस्तुएँभी मनुष्यमात्र के लिए आकर्षक होती हैं, परन्तु उसकी सुन्दरतम विभूतियों __ में मानव वृत्तियाँ विशेष प्रकार से रमती हैं। हुए किसी साधारण से झरने अथवा ताड़ के लंबे-लंबे पेड़ों में ही सौन्दर्य का अनुभव कर लेते हैं तथा ऊँटों की चाल में ही सुन्दरता की कल्पना कर लेते हैं, परन्तु जिन्होंने भारत की हिमाच्छादित शैलमाला पर संध्या की सुनहली किरणों की सुषमा देखी हैं अथवा जिन्हें घनी अमराइयों की छाया में कल-कल ध्वनि से बहती हुई निर्झरिणी तथा उसकी समीपवर्तिनी लताओं की वसन्तश्री देखने का अवसर मिला है, साथ ही जो यहाँ के विशालकाय हाथियों की मतवाली चाल देख चुके हैं, उन्हें अरब की उपर्युक्त वस्तुओं में सौन्दर्य तो क्या, उलटे नीरसता, शुष्कता और भद्दापन ही मिलेगा। भारतीय कवियों को प्रकृति की सुन्दर गोद में क्रीड़ा करने का सौभाग्य प्राप्त है। ये हरे-हरे उपवनों तथा सुन्दर जलाशयों के तटों पर विचरण करते तथा प्रकृति के नाना मनोहारी रूपों से परिचित होते हैं। यही कारण है कि भारतीय कवि प्रकृति के संश्लिष्ट तथा सजीव चित्र जितनी मार्मिकता, उत्तमता तथा अधिकता से अंकित कर सकते हैं तथा उपमा-उत्प्रेक्षाओं के लिए जैसी सुन्दर वस्तुओं का उपयोग कर सकते हैं, वैसा रूखे-सूखे देश के निवासी कवि नहीं कर सकते। यह भारत-भूमि की ही विशेषता है कि यहाँ के कवियों का प्राकृतिक-वर्णन तथा तत्संभव सौन्दर्य-ज्ञान उच्च कोटि का होता है। प्रकृति के रम्य रूपों में तल्लीनता की जो अनुभूति होती है उसका उपयोग कविगण कभी-कभी रहस्यमयी भावनाओं के संचार में भी करते हैं। यह अखंड भूमण्डल तथा असंख्य ग्रह, उपग्रह, रवि-शशि अथवा जल, वायु, अग्नि, आकाश कितने रहस्यमय तथा अज्ञेय हैं? इनके सृष्टि-संचालन आदि के सम्बन्ध में दार्शनिकों अथवा वैज्ञानिकों ने इन तत्वों का निरूपण किया है। भारतीय कवियों को चिरकाल से किससे अनुराग रहा है?

From a circular sheet of paper of radius 10cm, a sector of area 40% is removed. If the remaining part is used to make a conical surface, then the ratio of the radius and the height of the cone is- किसी कागज की गोलाकार सीट जिसकी त्रिज्या 10 सेमी से वृत्त खंड का 40% हटा दिया जाता है, यदि शेष हिस्से का प्रयोग करके एक शंकु बनाया जाता है, तो शंकु की त्रिज्या तथा ऊँचाई का अनुपात है।

The following table represents the number of candidates that appeared and qualified in a competitive examination from different states over five years. Study the table and answer the questions that follow. What is the difference between the number of candidates qualifying in the year 1998, in the states M and P? निम्नलिखित तालिका उन उम्मीदवारों की संख्या को दर्शाती है जो पाँच वर्षों के दौरान विभिन्न राज्यों से किसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हुए तथा सफल हुए | इस तालिका का अध्ययन कीजिए तथा फिर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए | वर्ष 1998 में राज्य M तथा P से सफल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में क्या अंतर है ?

If the length of a side of a square is equal to the diameter of a circle, then the ratio between the areas of square and circle is (pi=22/7) यदि किसी वर्ग की भुजा की लम्बाई किसी वृत्त के व्यास के बराबर है, तब वर्ग तथा वृत्त के क्षेत्रफल का अनुपात हैः