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Class 9
MATHS
निम्नलिखित आँकड़ों की माधियका ज्ञात कीजिए...

निम्नलिखित आँकड़ों की माधियका ज्ञात कीजिए : 41,43,127,99,61,71,58,57. यदि 58 के स्थान पर 85 लिया जाय तो नयी माध्यिका क्या होगी ?

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Let x be the median of data: 33, 42, 28, 49, 32, 37, 52, 57, 35, 41. If 32 is replaced by 36 and 41 by 63, then the median of the data, so obtained, is y. What is the value of (x + y)? मान लीजिये कि x इन आंकड़ों की मध्यिका है : 33, 42, 28, 49, 32, 37,52, 57, 35, 41. यदि 32 के स्थान पर 36 और 41 के स्थान पर 63 जा जाए, तो इस प्रकार प्राप्त होने वाली मध्यिका y है | (x+y) का मान क्या होगा ?

Find the median of the following data 41,43,127,99,71,92,71,58,57

Find the median of the following data 41, 43, 127, 99, 71, 92, 71, 58, 57

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसके नीचे दिये गये बहुविकल्पी प्रश्नों में सही विकल्प का चयन करों। शिक्षा साध्य नहीं है, अपितु साध्य तक पहुँचने का एक साधन है। हम बच्चों को केवल शिक्षित बनाने के उद्देश्य से ही शिक्षा नहीं देते बल्कि हमारा उद्देश्य उन्हें जीवन के लिए सक्षम बनाना है। ज्यों ही हम इस तथ्य को जान लेते हैं, हम शिक्षा के वास्तविक लक्ष्य से परिचित हो जाते हैं। बहुत से आधुनिक देशों में यह सोचना फैशन हो गया है कि अमीर-गरीब, चतुर-मूर्ख सबको विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा देकर कोई भी समाज अपनी सब समस्याएँ सुलझा सकता हैऔर परिपूर्ण राष्ट्र का निर्माण कर सकता है परंतु यह काफी नहीं है। ऐसे देशों में हमें अनेक डिग्रीधारी नवयुवक बेरोजगार दिखाई पड़ते हैं, क्योंकि वे हाथ से काम करने को हेय दृष्टि से देखने लगते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में हमें अपनी शिक्षा-व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की बड़ी भारी आवश्यकता है। इतना काफी नहीं है कि शिक्षा की तो व्यवस्था पहले मिले, उसे चुन लिया जाए अथवा अपनी पुरानी शिक्षा व्यवस्था को चालू रखा जाय, बिना इस बात की परीक्षा किये और देखे कि यह वास्तव में उपयुक्त है अथवा नहीं। हमें अपनी शिक्षा-व्यवस्था पर क्या करना चाहिए?

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसके नीचे दिये गये बहुविकल्पी प्रश्नों में सही विकल्प का चयन करों। शिक्षा साध्य नहीं है, अपितु साध्य तक पहुँचने का एक साधन है। हम बच्चों को केवल शिक्षित बनाने के उद्देश्य से ही शिक्षा नहीं देते बल्कि हमारा उद्देश्य उन्हें जीवन के लिए सक्षम बनाना है। ज्यों ही हम इस तथ्य को जान लेते हैं, हम शिक्षा के वास्तविक लक्ष्य से परिचित हो जाते हैं। बहुत से आधुनिक देशों में यह सोचना फैशन हो गया है कि अमीर-गरीब, चतुर-मूर्ख सबको विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा देकर कोई भी समाज अपनी सब समस्याएँ सुलझा सकता हैऔर परिपूर्ण राष्ट्र का निर्माण कर सकता है परंतु यह काफी नहीं है। ऐसे देशों में हमें अनेक डिग्रीधारी नवयुवक बेरोजगार दिखाई पड़ते हैं, क्योंकि वे हाथ से काम करने को हेय दृष्टि से देखने लगते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में हमें अपनी शिक्षा-व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की बड़ी भारी आवश्यकता है। इतना काफी नहीं है कि शिक्षा की तो व्यवस्था पहले मिले, उसे चुन लिया जाए अथवा अपनी पुरानी शिक्षा व्यवस्था को चालू रखा जाय, बिना इस बात की परीक्षा किये और देखे कि यह वास्तव में उपयुक्त है अथवा नहीं। निःशुल्क शिक्षा से क्या हानि है

Find the median of the following data: 41,43 ,127,99,61,92,71,58,57 if 58 is replaced by 85, what will be the new median.