Home
Class 12
BIOLOGY
अलैंगिक तथा लैंगिक जनन के मध्य विभेद स्थ...

अलैंगिक तथा लैंगिक जनन के मध्य विभेद स्थापित कीजिए। कायिक जनन को प्रारूपिक अलैंगिक जनन क्यों माना जाता है ?

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

बीजाणु जनन|कायिक प्रवर्धन|लैंगिक जनन

अलैंगिक जनन|तना रूपांतरण|लैंगिक जनन|युग्मक|OMR

कायिक जनन |लैंगिक जनन|लैंगिक जनन की अवस्था|किशोर अवस्था |वृद्धावस्था |लैंगिक जनन की अवस्था

Revision |लैंगिक जनन के दौरान घटनाए |नर जनन तन्त्र

Revision |लैंगिक जनन के दौरान घटनाए |नर जनन तन्त्र

जाते हैं जीवन-भर वहीं संस्कार अमिट रहते हैं। इसीलिए यही काल आधारशिला कहा गया है। यदि यह नींव दृढ़ बन जाती है तो जीवन सुदृढ़ और सुखी बन जाता है। यदि इस काल में बालक कष्ट सहन कर लेता है तो उसका स्वास्थ्य सुंदर बनता है। यदि मन लगाकर अध्ययन कर लेता है तो उसे ज्ञान मिलता है, उसका मानसिक विकास होता है। जिस वृक्ष को प्रारंभ से सुंदर सिंचन और खाद मिल जाती है, वह पुष्पित एवं पल्लवित होकर संसार को सौरभ देने लगता है। इसी प्रकार विद्यार्थी काल में जो बालक श्रम, अनुशासन, समय एवं नियमन के साँचे में ढल जाता है। सभ्य नागरिक के लिए जिन-जिन गुणों की आवश्यकता है उन गुणों के लिए विद्यार्थी काल ही सुन्दर पाठशाला है। यहाँ पर अपने साथियों के बीच रह कर वे सभी गुण आ जाने आवश्यक हैं, जिनकी कि विद्यार्थी को अपने जीवन में आवश्यकता होती है। मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी विद्यार्थी जीवन को क्यों माना जाता है?