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एक द्रव से भरे अर्धगोलाकार बर्तन की आन्त...

एक द्रव से भरे अर्धगोलाकार बर्तन की आन्तरिक क्रिज्या 9 सेमी. है। इस द्रव को 3 सेमी. व्यास और 4 सेमी. ऊँचाई वाली बेलनाकार छोटी बोतलों में खाली किया जाना है। बताइये, बर्तन को पूरा खाली करने के लिए ऐसी कितनी बोतलों की आवश्यकता होगी?

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A hemispherical bowl of internal radius 9cm, contains a liquid. This liquid is to filled into small cylindrical bottles of diameter 3 cm and height 4 cm. Then the number of bottles necessary to empty the bowl is एक अर्धगोल कटोरे, जिसकी आन्तरिक त्रिज्या 9 से.मी. है, में कुछ तरल पदार्थ है। इस तरल को 3 से.मी. व्यास ओर 4 से.मी: ऊँची बेलनाकार बोतलों में भरा जाना है। बताइए इस तरल को बोतलों में भरने के कितनी बोतलों की आवश्यकता होगी?

A hemispherical bowl of internal diameter 36 cm is full of a liquid. This liquid is to be filled into cylindrical bottles each of radius 3 cm and height 12 cm. How many such bottles are required to empty the bowl? एक गोलार्द्ध कटोरा जिसकी आंतरिक व्यास 36 सेमी है, को एक तरल से भरा जाता है। इस तरल को प्रत्येक बेलनाकार बोतल, जिसकी त्रिज्या 3 cm है, में 12 सेमी ऊचाई तक भरना है। कटोरा खाली करने के लिए ऐसी कितनी बोतलों की आवश्यकता होगी?

A hemispherical bowl of internal diameter 36 cm is full of a liquid. This liquid is to be filled into cylindrical bottles each of radius 3 cm and height 12 cm. How many such bottles are required to empty the bowl ? 36 सेमी आतंरिक व्यास वाला अर्धगोलीय कटोरा किसी तरल पदार्थ से भरा हुआ है | इस तरल पदार्थ को बेलनाकार बोतलों में डाला जाता है जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या 3 सेमी और ऊंचाई 12 सेमी है | कटोरे को खाली करने के लिए ऐसी कितनी बोतलों की आवश्यकता है ?

A cylindrical vessel with radius 6 cm and height 5 cm is to be made by melting a number of spherical metal balls of diameter 2 cm. The minimum number of balls needed is: एक बेलनाकार बर्तन, जिसकी त्रिज्या 6 सेमी और ऊंचाई 5 सेमी है, उसका निर्माण कई गोलीय धातु की गेंदों से किया जाना है, जिसका व्यास 2 सेमी है। न्यूनतम कितनी गेंदों की आवश्यकता होगी?

A contractor takes a contract to complete a road in 60 days and employed 105 labours. After 25 days, he found that one-third work is completed. How many more labours he requires to complete the remaining work in time? एक ठेकेदार 60 दिनों में एक सड़क को पूरा करने का ठेका लेता है और 105 मजदूरों को इस कार्य में लगाता है। 25 दिनों के बाद, एक तिहाई काम पूरा हो जाता है। शेष काम को समय पर पूरा करने के लिए उसे कितने और मजदूरों की आवश्यकता पड़ेगी?

A contractor takes a contract to complete a road in 60 days and employs 70 labours. After 25 days, he found that one fourth work is completed. How many more labours he requires to complete the remaining work in time? एक ठेकेदार 60 दिनों में एक सड़क को पूरा करने का ठेका लेता है और 70 मजदूरों को इस कार्य में लगाता है। 25 दिनों के बाद,एक चौथाई काम पूरा हो जाता है। शेष काम को दिए गए समय पर पूरा करने के लिए उसे कितने और मजदूरों की आवश्यकता पड़ेगी?

हमारा जीवन जिन मानवीय सिद्धांतों, अनुभवों और सांस्कृतिक संस्कारों के संबल से समस्त सृष्टि के लिए महत्त्वपूर्ण बना है, परोपकार की भावना उन्हीं में एक है। मानव को दूसरे मानव के प्रति वैसा ही संवेदनात्मक उत्तरदायित्व निभाना चाहिए, जैसे वह स्वयं के प्रति निभाता है। जीवन को केवल परोपकार, पर सेवा और निःस्वार्थ प्रेम के लिए ही वास्तविक समझना चाहिए क्योंकि नश्वर शरीर जब नष्ट हो जाएगा तो उसके बाद हमारा कुछ भी इस दुनिया के जीवों की स्मृति में नही रहेगा। हम जग जीवों की स्मृति में सदा-सदा के लिए तभी बने रह सकते हैं, जब हम अपने नश्वर शरीर को वैचारिक, बौद्धिक और आत्मिक चेतना से पूर्ण कर निःस्वार्थ भाव से स्वयं को जीव सेवा में समर्पित करेंगे। हमें स्थिरता से और शांतिपूर्वक यह विचार करते रहना चाहिए कि हमारे जीवन का सर्वश्रेष्ठ उद्देश्य और एकमात्र लक्ष्य हमारे द्वारा किया जाने वाला त्याग है। त्याग योग्य व्यक्तित्व प्राप्त करने के लिए गहन तप की आवश्यकता है। त्याग का भाव किसी मनुष्य में साधारण होते हुए नही जन्म लेता। इसके लिए मनुष्य को जीवन-जगत और इसके जीवों के संबंध में असाधारण वैचारिक रचनात्मकता अपनाकर निरंतर योग, ध्यान, तप व साधना करनी होगी। उसे इस स्थिति से विचरते हुए विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभवों से लैस होना होगा। आवश्यकता होने पर उसे जीवों की वास्तविक सेवा करनी होगी। जब ऐसी विशेष मानवीय परिस्थितियों उत्पन्न होंगी, तब ही मानव में त्याग भाव आकार ग्रहण करेगा। त्याग के योग्य व्यक्तित्व प्राप्त करने के लिए आवश्यक है