दीर्घदृष्टि वाला एक व्यक्ति जो अपनी आँखों से 75 cm से निकट की वस्तुओं को साफ -साफ नहीं देख सकता , 25 cm दूर रखी पुस्तक को पढ़ना चाहता है । सुधार करनेवाले लेंस की प्रकृति और शक्ति क्या होनी चाहिए ?
दीर्घदृष्टि वाला एक व्यक्ति जो अपनी आँखों से 75 cm से निकट की वस्तुओं को साफ -साफ नहीं देख सकता , 25 cm दूर रखी पुस्तक को पढ़ना चाहता है । सुधार करनेवाले लेंस की प्रकृति और शक्ति क्या होनी चाहिए ?
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नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़ा व्यक्ति की दृष्टि कैसी होनी चाहिए?
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। प्रत्येक प्रभात सुंदर चीजें लेकर उपस्थित होता है, पर यदि हमने कल तथा परसों के प्रभात की कृपा से लाभ नहीं उठाया तो आज के प्रभात से लाभ उठाने की हमारी शक्ति क्षीण होती जाएगी, और यही गति रही तो फिर हम उस शक्ति को बिल्कुल ही गँवा बैठेंगे। किसी विद्वान् ने ठीक ही कहा है कि खोई हुई सम्पत्ति कमखर्ची और परिश्रम से प्राप्त की जा सकती है, भूला हुआ ज्ञान अध्ययन से प्राप्त हो सकता है, गँवाया हुआ स्वास्थ्य दवा और संयम से लौटाया जा सकता है परन्तु नष्ट किया हुआ समय सदा के लिए चला जाता है। वह बस स्मृति की एक चीज हो जाता है और अतीत की एक छाया मात्र रह जाता है। ग्लेडस्टन सरीखा प्रतिभाशाली व्यक्ति अपनी जेब में एक __ छोटी-सी पुस्तक हमेशा लेकर निकलता था। उन्हें चिन्ता रहती थी किकहीं कोई घड़ी व्यर्थ न चली जाए। तब हम जैसे साधारण मनुष्यों को अपने अमूल्य समय को नष्ट होने से बचाने के लिए क्या नहीं करना चाहिए? प्रतिभावान् पुरुष समय के छोटे-छोटे टुकड़ों को बचाकर महान हो जाते हैं और अपनी असफलता पर आश्चर्य करने वाले उन्हें यों ही उड़ जाने देते हैं। उन्हें जीवन-भर कभी समय का मूल्य मालूम __ ही नहीं हो पाता। समय का लाभ उठाने की शक्ति कब क्षीण हो जाती है?
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। प्रत्येक प्रभात सुंदर चीजें लेकर उपस्थित होता है, पर यदि हमने कल तथा परसों के प्रभात की कृपा से लाभ नहीं उठाया तो आज के प्रभात से लाभ उठाने की हमारी शक्ति क्षीण होती जाएगी, और यही गति रही तो फिर हम उस शक्ति को बिल्कुल ही गँवा बैठेंगे। किसी विद्वान् ने ठीक ही कहा है कि खोई हुई सम्पत्ति कमखर्ची और परिश्रम से प्राप्त की जा सकती है, भूला हुआ ज्ञान अध्ययन से प्राप्त हो सकता है, गँवाया हुआ स्वास्थ्य दवा और संयम से लौटाया जा सकता है परन्तु नष्ट किया हुआ समय सदा के लिए चला जाता है। वह बस स्मृति की एक चीज हो जाता है और अतीत की एक छाया मात्र रह जाता है। ग्लेडस्टन सरीखा प्रतिभाशाली व्यक्ति अपनी जेब में एक __ छोटी-सी पुस्तक हमेशा लेकर निकलता था। उन्हें चिन्ता रहती थी किकहीं कोई घड़ी व्यर्थ न चली जाए। तब हम जैसे साधारण मनुष्यों को अपने अमूल्य समय को नष्ट होने से बचाने के लिए क्या नहीं करना चाहिए? प्रतिभावान् पुरुष समय के छोटे-छोटे टुकड़ों को बचाकर महान हो जाते हैं और अपनी असफलता पर आश्चर्य करने वाले उन्हेंयों ही उड़ जाने देते हैं। उन्हें जीवन-भर कभी समय का मूल्य मालूम __ ही नहीं हो पाता। प्रतिभावान पुरुषों की क्या पहचान है?
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। प्रत्येक प्रभात सुंदर चीजें लेकर उपस्थित होता है, पर यदि हमने कल तथा परसों के प्रभात की कृपा से लाभ नहीं उठाया तो आज के प्रभात से लाभ उठाने की हमारी शक्ति क्षीण होती जाएगी, और यही गति रही तो फिर हम उस शक्ति को बिल्कुल ही गँवा बैठेंगे। किसी विद्वान् ने ठीक ही कहा है कि खोई हुई सम्पत्ति कमखर्ची और परिश्रम से प्राप्त की जा सकती है, भूला हुआ ज्ञान अध्ययन से प्राप्त हो सकता है, गँवाया हुआ स्वास्थ्य दवा और संयम से लौटाया जा सकता है परन्तु नष्ट किया हुआ समय सदा के लिए चला जाता है। वह बस स्मृति की एक चीज हो जाता है और अतीत की एक छाया मात्र रह जाता है। ग्लेडस्टन सरीखा प्रतिभाशाली व्यक्ति अपनी जेब में एक __ छोटी-सी पुस्तक हमेशा लेकर निकलता था। उन्हें चिन्ता रहती थी किकहीं कोई घड़ी व्यर्थ न चली जाए। तब हम जैसे साधारण मनुष्यों को अपने अमूल्य समय को नष्ट होने से बचाने के लिए क्या नहीं करना चाहिए? प्रतिभावान् पुरुष समय के छोटे-छोटे टुकड़ों को बचाकर महान हो जाते हैं और अपनी असफलता पर आश्चर्य करने वाले उन्हेंयों ही उड़ जाने देते हैं। उन्हें जीवन-भर कभी समय का मूल्य मालूम __ ही नहीं हो पाता। प्रभात का लाभ उठाने से लेखक का क्या आशय है?
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। प्रत्येक प्रभात सुंदर चीजें लेकर उपस्थित होता है, पर यदि हमने कल तथा परसों के प्रभात की कृपा से लाभ नहीं उठाया तो आज के प्रभात से लाभ उठाने की हमारी शक्ति क्षीण होती जाएगी, और यही गति रही तो फिर हम उस शक्ति को बिल्कुल ही गँवा बैठेंगे। किसी विद्वान् ने ठीक ही कहा है कि खोई हुई सम्पत्ति कमखर्ची और परिश्रम से प्राप्त की जा सकती है, भूला हुआ ज्ञान अध्ययन से प्राप्त हो सकता है, गँवाया हुआ स्वास्थ्य दवा और संयम से लौटाया जा सकता है परन्तु नष्ट किया हुआ समय सदा के लिए चला जाता है। वह बस स्मृति की एक चीज हो जाता है और अतीत की एक छाया मात्र रह जाता है। ग्लेडस्टन सरीखा प्रतिभाशाली व्यक्ति अपनी जेब में एक __ छोटी-सी पुस्तक हमेशा लेकर निकलता था। उन्हें चिन्ता रहती थी किकहीं कोई घड़ी व्यर्थ न चली जाए। तब हम जैसे साधारण मनुष्यों को अपने अमूल्य समय को नष्ट होने से बचाने के लिए क्या नहीं करना चाहिए? प्रतिभावान् पुरुष समय के छोटे-छोटे टुकड़ों को बचाकर महान हो जाते हैं और अपनी असफलता पर आश्चर्य करने वाले उन्हेंयों ही उड़ जाने देते हैं। उन्हें जीवन-भर कभी समय का मूल्य मालूम __ ही नहीं हो पाता। नष्ट किया हुआ समय क्यों नहीं लौटाया जा सकता
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। प्रत्येक प्रभात सुंदर चीजें लेकर उपस्थित होता है, पर यदि हमने कल तथा परसों के प्रभात की कृपा से लाभ नहीं उठाया तो आज के प्रभात से लाभ उठाने की हमारी शक्ति क्षीण होती जाएगी, और यही गति रही तो फिर हम उस शक्ति को बिल्कुल ही गँवा बैठेंगे। किसी विद्वान् ने ठीक ही कहा है कि खोई हुई सम्पत्ति कमखर्ची और परिश्रम से प्राप्त की जा सकती है, भूला हुआ ज्ञान अध्ययन से प्राप्त हो सकता है, गँवाया हुआ स्वास्थ्य दवा और संयम से लौटाया जा सकता है परन्तु नष्ट किया हुआ समय सदा के लिए चला जाता है। वह बस स्मृति की एक चीज हो जाता है और अतीत की एक छाया मात्र रह जाता है। ग्लेडस्टन सरीखा प्रतिभाशाली व्यक्ति अपनी जेब में एक __ छोटी-सी पुस्तक हमेशा लेकर निकलता था। उन्हें चिन्ता रहती थी किकहीं कोई घड़ी व्यर्थ न चली जाए। तब हम जैसे साधारण मनुष्यों को अपने अमूल्य समय को नष्ट होने से बचाने के लिए क्या नहीं करना चाहिए? प्रतिभावान् पुरुष समय के छोटे-छोटे टुकड़ों को बचाकर महान हो जाते हैं और अपनी असफलता पर आश्चर्य करने वाले उन्हेंयों ही उड़ जाने देते हैं। उन्हें जीवन-भर कभी समय का मूल्य मालूम __ ही नहीं हो पाता। गँवाया हुआ स्वास्थ्य किस तरह वापस आ सकता है?
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। प्रत्येक प्रभात सुंदर चीजें लेकर उपस्थित होता है, पर यदि हमने कल तथा परसों के प्रभात की कृपा से लाभ नहीं उठाया तो आज के प्रभात से लाभ उठाने की हमारी शक्ति क्षीण होती जाएगी, और यही गति रही तो फिर हम उस शक्ति को बिल्कुल ही गँवा बैठेंगे। किसी विद्वान् ने ठीक ही कहा है कि खोई हुई सम्पत्ति कमखर्ची और परिश्रम से प्राप्त की जा सकती है, भूला हुआ ज्ञान अध्ययन से प्राप्त हो सकता है, गँवाया हुआ स्वास्थ्य दवा और संयम से लौटाया जा सकता है परन्तु नष्ट किया हुआ समय सदा के लिए चला जाता है। वह बस स्मृति की एक चीज हो जाता है और अतीत की एक छाया मात्र रह जाता है। ग्लेडस्टन सरीखा प्रतिभाशाली व्यक्ति अपनी जेब में एक __ छोटी-सी पुस्तक हमेशा लेकर निकलता था। उन्हें चिन्ता रहती थी किकहीं कोई घड़ी व्यर्थ न चली जाए। तब हम जैसे साधारण मनुष्यों को अपने अमूल्य समय को नष्ट होने से बचाने के लिए क्या नहीं करना चाहिए? प्रतिभावान् पुरुष समय के छोटे-छोटे टुकड़ों को बचाकर महान हो जाते हैं और अपनी असफलता पर आश्चर्य करने वाले उन्हें यों ही उड़ जाने देते हैं। उन्हें जीवन-भर कभी समय का मूल्य मालूम __ ही नहीं हो पाता। उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। लेखक की दृष्टि में सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्या है?
छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। कौन सा शब्द पुस्तक का पर्याय है?
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