Home
Class 12
PHYSICS
एक धातु की शीट को ऋणात्मक आवेश 13.2 nC द...

एक धातु की शीट को ऋणात्मक आवेश 13.2 nC दिया गया है |
(a) पराबैंगनी प्रकाश के कितनी फोटॉनों की आवश्यकता होगी जो धातु को पूर्णतः निरावेशित (uncharged) कर दें ?
(b) ऊर्जा का वह न्यूनतम मान कितना होगा जो धातु पृष्ठ द्वारा निरवेशन के लिए अवशोषित किया जायेगा | धातु की देहली आवृत्ति `=4.5xx10^(14)Hz, h = 6.6xx10^(-34)Js`.

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मनु बहन ने पूरे दिन की डायरी लिखी, लेकिन एक जगह लिख दिया, 'सफाई वगैरह की। गांधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर उस पर अपने हस्ताक्षर करते थे। आज की डायरी पर हस्ताक्षर करते हुए गांधीजी ने लिखा,कातने की गति का हिसाब लिखा जाए। मन में आए हुए विचार लिखे जाएं। जो-जो पढ़ा हो, उसकीटिप्पणी लिखी जाए। जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा, जो'वगैरह' का उपयोग नहीं होना चाहिए। डायरी में 'वगैरह' शब्द के लिए कोई स्थान नहीं है" जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा, जो बातें हुई हों वे लिखी जाए। मनु ने अपनी गलती का अहसास किया और डायरी विधा की पवित्रता को समझा। गांधीजी ने पुनः मनु से कहा-"डायरी लिखना आसान कार्य नहीं है। यह इबादत करने जैसी विधा है। हमें शुद्ध व सच्चे रूप से प्रत्येक छोटी-बड़ी घटना को निष्पक्ष रूप से लिखना चाहिए चाहे कोई बात हमारे विरुद्ध ही क्यों न जा रही हो। इससे हममेंसच्चाई स्वीकार करने की शक्ति प्राप्त होगी। मनु को अपनी किस गलती का अहसास हुआ?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मनु बहन ने पूरे दिन की डायरी लिखी, लेकिन एक जगह लिख दिया, 'सफाई वगैरह की। गांधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर उस पर अपने हस्ताक्षर करते थे। आज की डायरी पर हस्ताक्षर करते हुए गांधीजी ने लिखा,कातने की गति का हिसाब लिखा जाए। मन में आए हुए विचार लिखे जाएं। जो-जो पढ़ा हो, उसकीटिप्पणी लिखी जाए। जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा, जो'वगैरह' का उपयोग नहीं होना चाहिए। डायरी में 'वगैरह' शब्द के लिए कोई स्थान नहीं है" जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा, जो बातें हुई हों वे लिखी जाए। मनु ने अपनी गलती का अहसास किया और डायरी विधा की पवित्रता को समझा। गांधीजी ने पुनः मनु से कहा-"डायरी लिखना आसान कार्य नहीं है। यह इबादत करने जैसी विधा है। हमें शुद्ध व सच्चे रूप से प्रत्येक छोटी-बड़ी घटना को निष्पक्ष रूप से लिखना चाहिए चाहे कोई बात हमारे विरुद्ध ही क्यों न जा रही हो। इससे हममेंसच्चाई स्वीकार करने की शक्ति प्राप्त होगी। डायरी लिखना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि

Recommended Questions
  1. एक धातु की शीट को ऋणात्मक आवेश 13.2 nC दिया गया है | (a) पराबैंगनी ...

    Text Solution

    |

  2. अम्लों की धातु के साथ अभिक्रिया

    Text Solution

    |

  3. धातु के शोधन की विधियाँ

    Text Solution

    |

  4. दोहरान |धातु की अम्लों के साथ अभिक्रिया |अधातु की अम्लों के साथ अभिक्र...

    Text Solution

    |

  5. एक धातु ऑक्साइड का सूत्र Z2O3है यह हाइड्रोजन द्वारा अपचयित होकर मुक्त ...

    Text Solution

    |

  6. तरंगदैर्ध्य 3000 overset(0)A का एक प्रकाश धातु की सतह पर गिरता है। उत्...

    Text Solution

    |

  7. किसी धातु की अपचायक क्षमता विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है। उस कारक क...

    Text Solution

    |

  8. संगलित अशुद्ध धातु को लकड़ी के हरे रंग के लट्टे के साथ हिलाकर फफोलेदार...

    Text Solution

    |

  9. एक संकुल में केंद्रीय धातु परमाणु की उपसहसंयोजन संख्या को किसके द्वारा...

    Text Solution

    |