दो धात्विक गोलों A व B जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः R व 2R हैं जो एकसमान पृष्ठ घनत्व `sigma` से आवाशित करके उन्हें एक धात्विक तार से जोड़ा जाता है। आवेश प्रवाह की दिशा क्या होगी तथा क्यों ?
दो धात्विक गोलों A व B जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः R व 2R हैं जो एकसमान पृष्ठ घनत्व `sigma` से आवाशित करके उन्हें एक धात्विक तार से जोड़ा जाता है। आवेश प्रवाह की दिशा क्या होगी तथा क्यों ?
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Two pipes A and B can fill a tank in 16 hours and 20 hours respectively. They are opened alternatively for 1 hour each, starting with pipe A first. In how many hours with the empty tank be filled ? दो पाइप A और B किसी टंकी को क्रमशः 16 और 20 घंटे में भर सकते हैं | पाइप A से शुरुआत करते हुए उन्हें 1 घंटे के लिए एक के बाद एक करके खोला जाता है | खाली टंकी कितने घंटों में भर जायेगी ?
Two circles with centres P and Q of radii 7 cm and 3cm, respectively, touch each other externally at a point A. BC is a direct common tangent to these two circles where B and C are the point on the circles respectively. The length of BC is: केंद्र P और Q के साथ दो दो वृत्त, जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः 7 सेमी और 3 सेमी है , एक दूसरे को बाहरी रूप से स्पर्श करते हैं। BC इन दो वृत्त में एक सीधा स्पर्शरेखा है जहां क्रमशः छ और C वृत्त पर बिंदु हैं। BC की लंबाई है
Two pipes A and B can fill an empty tank in 8 hours and 12 hours respectively. They are opened alternately for 1 hour each starting with pipe A first. In how many hours will the empty tank be filled? दो पाइप A और B किसी खाली टंकी को क्रमशः 8 और 12 घंटे में भर देते हैं | पाइप A से शुरुआत करते हुए उन्हें एक-एक करके 1 घंटे के लिए खोला जाता है | कितने घंटों में यह खाली टंकी भर जायेगी ?
Three solid metallic spheres whose radii are 1cm, x cm and 8 cm, are melted and recast into a single solid sphere of diameter 18 cm. The surface area (in cm^2 ) of the sphere with radius x cm is : तीन ठोस धात्विक गोले जिनकी त्रिज्याएँ 1 सेमी, x सेमी और 8 सेमी हैं, उन्हें पिघलाया जाता है और फिर 18 सेमी व्यास वाला एक ठोस गोला बनाया जाता है | उस गोले का पृष्ठ क्षेत्रफल (वर्ग सेमी में ) ज्ञात करें जिसकी त्रिज्या x सेमी थी |
Two circles of radii 20 cm and 5 cm respectively, touch each other externally at the point P, AB is the direct common tangent of these two circles of centres R and S, respectively. The length of AB is equal to: दो वृत्त जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः 20 सेमी और 5 सेमी, बिंदु P पर बाह्य रूप से एक दूसरे को स्पर्श करते हैं, AB, केंद्र R और S वाले दो वृत्तों के प्रत्यक्ष सामान्य स्पर्शरेखा है। AB की लंबाई है:
Two pipes A and B can fill an empty tank in 10 hours and 16 hours respectively. They are opened alternatively for 1 hour each, starting with pipe A first. In how many hours, the empty tank will be filled? दो पाइप A और B किसी खाली टंकी को क्रमशः 10 घंटे एवं 16 घंटे में भर सकते हैं | A से शुरुआत करते हुए उन्हें एक-एक करके हर बार 1 घंटे के लिए खोला जाता है | कितने घंटों में खाली टंकी भर जायेगी ?
आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही छवि उभरती है। वह छवि कहती है कि वहाँ गरीबी है। वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है। वहाँ अंध-विश्वास है। गंदगी है। बीमारी है। हमें विचार करना है कि सच क्या है? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं? आज जो गाँवों का दुर्दशा हुई है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की पड़ताल करते हुए हमें नई समझ बनानी है तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है। वैसे यह खुदा का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदलता है। जो दूरस्थ गाँव हैं-- शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता तो खासी बची हुई है। ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है? हमें विचार करना है। मंगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों से देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा सकता! तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए गाँव चलना है। अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है। एक विद्याशाला है। गाँच वेधशाला इसलिए है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। आजमाया जाता है। जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर खरा न उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है। हर ज्ञान के होने की शर्त यह है वह सृजन और उत्पादन की शान पर तराशा जाए। गाँव को प्रयोगशाला क्यों कहा गया है?
लघु उद्योग उन उद्योगों को कहा जाता है जिनके समारम्भ एवं आयोजन के लिए भारी-भरकम साधनों की आवश्यकता नहीं पड़ती। वे थोड़े-से स्थान पर, थोड़ी पूँजी और अल्प साधनों से ही आरम्भ किए जा सकते हैं। फिर भी उनसे सुनियोजित ढंग से अधिकाधिक लाभ प्राप्त करके देश की निर्धनता, गरीबी और विषमताओं से एक सीमा तक लड़ा जा सकता है। अपने आकार-प्रकार तथा साधनों की लघुता व अल्पता के कारण ही इस प्रकार के उद्योग-धंधों को कुटीर उद्योग भी कहा जाता है। इस प्रकार के उद्योग-धंधे अपने घर में भी आरम्भ किए जा सकते हैं और अपने सीमित साधनों का सदुपयोग करके आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है आर सुखी-समृद्ध बना जा सकता है। भारत जैसे देश के लिए तो इस प्रकार के लघु उद्योगों का महत्त्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ युवाओं की एक बहुत बड़ी संख्या बेरोजगार है। इसी कारण महात्मा गांधी ने मशीनीकरण का विरोध किया था। उनकी यह स्पष्ट धारणा थी कि लघु उद्योगों को प्रश्रय देने से लोग स्वावलम्बी बनेंगे, मजदूर किसान फसलों की बुआई कटाई से फुर्सत पाकर अपने खाली समय का ति । सदुपयोग भी करेंगे। इस प्रकार आर्थिक समृद्धि तो बढ़ेगी ही, साथ ही लोगों को अपने घर के पास रोजगार मिल सकेगा। भारत जैसे देशाकेलिएएलघुउद्योग-धंधों का महत्व क्यों बढ़ जाता है?
लघु उद्योग उन उद्योगों को कहा जाता है जिनके समारम्भ एवं आयोजन के लिए भारी-भरकम साधनों की आवश्यकता नहीं पड़ती। वे थोड़े-से स्थान पर, थोड़ी पूँजी और अल्प साधनों से ही आरम्भ किए जा सकते हैं। फिर भी उनसे सुनियोजित ढंग से अधिकाधिक लाभ प्राप्त करके देश की निर्धनता, गरीबी और विषमताओं से एक सीमा तक लड़ा जा सकता है। अपने आकार-प्रकार तथा साधनों की लघुता व अल्पता के कारण ही इस प्रकार के उद्योग-धंधों को कुटीर उद्योग भी कहा जाता है। इस प्रकार के उद्योग-धंधे अपने घर में भी आरम्भ किए जा सकते हैं और अपने सीमित साधनों का सदुपयोग करके आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है आर सुखी-समृद्ध बना जा सकता है। भारत जैसे देश के लिए तो इस प्रकार के लघु उद्योगों का महत्त्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ युवाओं की एक बहुत बड़ी संख्या बेरोजगार है। इसी कारण महात्मा गांधी ने मशीनीकरण का विरोध किया था। उनकी यह स्पष्ट धारणा थी कि लघु उद्योगों को प्रश्रय देने से लोग स्वावलम्बी बनेंगे, मजदूर किसान फसलों की बुआई कटाई से फुर्सत पाकर अपने खाली समय का ति । सदुपयोग भी करेंगे। इस प्रकार आर्थिक समृद्धि तो बढ़ेगी ही, साथ ही लोगों को अपने घर के पास रोजगार मिल सकेगा। लघु उद्योगों को प्रश्रय देने के संदर्भ में गांधीजी की क्या धारणा थी?
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