Home
Class 12
BIOLOGY
प्रक्कथन : आयरिस की वृत्ताकार (सरकुलर) च...

प्रक्कथन : आयरिस की वृत्ताकार (सरकुलर) चिकनी पेशियाँ संकुचन करती है। जब चमकीला प्रकाश नेत्रों पर पड़ता है।
कारण : आयरिस की वृत्ताकार चिकनी पेशियों के संकुचन से प्यूपिल सिकुड़ जाती है। 

A

प्रक्कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन का सही स्पष्टीकरण देता है

B

प्रक्कथन और कारण दोनों सही है किन्तु कारण कथन का सही स्पष्टीकरण नहीं देता है

C

प्रक्कथन सही है किन्तु कारण गलत है।

D

प्रक्कथन और कारण दोनों गलत है।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

प्रत्येक नेत्र गोलक की भित्ति तीन सकेन्द्रित पर्तों स्कैलेरोटिक कोरॉइड एवं रेटिना से बनी होती है। कोरॉइड एक उच्च संवहनीय वर्णक पर्त होती है। स्कैलेरोटिक को नेत्रगोलक की आंतरिक पर्त से विभेदित करती है। यह आगे एक मोटी संरचना से जुड़ी रहती है, जिसे सीलियरी बॉड़ी कहते हैं।
आयरिस एक वर्णकयुक्त, पेशीय अपारदर्शक डायफ्राम होती है, जो द्विउत्तल पारदर्शक लेंस के सामने सीलियरी बॉड़ी तक फैला रहता है। आयरिस के केन्द्रक में एक छोटा द्वार होता है जिसे प्यूपिल कहते हैं। कॉनिया के द्वारा प्रकाश निष्कासित होकर प्यूपिल के द्वारा प्रवेश कर लेंस के पीछे फैल जाता है। आयरिस या प्यूपिल के चारों ओर चिकनी पेशियाँ वृत्ताकार एवं अरीय रूप में व्यवस्थित रहती हैं। लेंस के ऊपर पड़ने वाले प्रकाश को कम करने के लिये वृत्ताकार पेशियों के संकुचन के द्वारा प्यूपिल सिकुड़ जाता है। इसके विपरीत लेंस के ऊपर पड़ने वाले प्रकाश को बढ़ाने के लिऐ अरीय पेशियों के संकुचन के द्वारा प्यूपिल फैल जाता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय

    ERRORLESS HINDI|Exercise SELF EVALUATION TEST (पाचन एवं अवशोषण)|32 Videos
  • तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय

    ERRORLESS HINDI|Exercise CRITICAL THINKING (OBJECTIVE QUESTIONS)|49 Videos
  • जैवविविधता एवं सरंक्षण

    ERRORLESS HINDI|Exercise SELF EVALUATION TEST|18 Videos
  • ध्रूमपान, मदिरापान , औषधि व्यसन , मानसिक एव सामुदायिक स्वास्थ

    ERRORLESS HINDI|Exercise SELF EVALUATION TEST|8 Videos
ERRORLESS HINDI-तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय -ASSERTION AND REASON
  1. प्रक्कथन : Na^(+) , K^(+) और प्रोटीन की सांद्रताओं में असमानता के कारण...

    Text Solution

    |

  2. प्रक्कथन : रेबीज गर्म रूधिर वाले जन्तुओं का तीव्र संक्रामक रोग है जिसम...

    Text Solution

    |

  3. प्रक्कथन : सिनेप्स से होकर तंत्रिकीय आवेगों का संचरण न्यूरोट्रांसमीटर्...

    Text Solution

    |

  4. प्रक्कथन : मेड्युला ओब्लाँगेटा प्रतिवर्ती प्रतिक्रयाएँ जैसे उल्टी, खाँ...

    Text Solution

    |

  5. प्रक्कथन  : पिट्यूटरी की अग्र पालि हाइपोथैलेमस से एक शिरा द्वारा संबंध...

    Text Solution

    |

  6. प्रक्कथन  : ध्यनि सुनने के पश्चात् न्यूरॉन्स से होकर तंत्रिकीय आवेग मस...

    Text Solution

    |

  7. प्रक्कथन  : सेरिबोस्पाइनल द्रव सम्पूर्ण केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र में उ...

    Text Solution

    |

  8. प्रक्कथन  :सभी चालक न्यूरॉन्स (Motor neurones) इफरेन्ट न्यूरॉन्स होते ...

    Text Solution

    |

  9. प्रक्कथन :  मस्तिष्क और मेरुरज्जु के कुछ क्षेत्र सफेद दिखाई देते हैं। ...

    Text Solution

    |

  10. प्रक्कथन : मनुष्य में केवल परिधीय तंत्रिका तंत्र पाया जाता है। कारण ...

    Text Solution

    |

  11. प्रक्कथन : मेरूरज्जु (Spinal cord) में ग्रे मेटर (Grey mater) और व्हाइ...

    Text Solution

    |

  12. प्रक्कथन  : विटामिन A की कमी रतौंधी उत्पन्न करती है। कारण : प्रकाशसं...

    Text Solution

    |

  13. प्रक्कथन : जिव्हा एक गस्टेटोरिसेप्टर है। कारण : स्वाद संवेदनाओं के ल...

    Text Solution

    |

  14. प्रक्कथन : आयरिस की वृत्ताकार (सरकुलर) चिकनी पेशियाँ संकुचन करती है। ज...

    Text Solution

    |

  15. प्रक्कथन : : घरेलू चिड़ियों में रात्रि दृष्टि कमजोर होती है। कारण : ...

    Text Solution

    |

  16. प्रक्कथन  : कहा जा सकता है कि नेत्र में समायोजन की शक्ति होती है। का...

    Text Solution

    |

  17. प्रक्कथन  : तंत्रिका तंतु छुने से, गंध से, दाब से तथा रासायनिक परिवर्त...

    Text Solution

    |