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BIOLOGY
प्रक्कथन: पुनर्योगजनी DNA प्रौद्यौगिकी म...

प्रक्कथन: पुनर्योगजनी DNA प्रौद्यौगिकी में, मानव जीनों को प्रायः जीवाणुओं (प्राक्केन्द्रकियों) तथा यीस्ट (सुकेन्द्रकी) में स्थानांतरित किया जाता है।
कारण : जीवाणु तथा यीस्ट दोनों ही में बड़ी तीव्रता से प्रगुणन होकर वांछित जीन की अभिव्यक्ति करने वाली विशाल समष्टियाँ बन जाती हैं।

A

प्रक्कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण प्रक्कथन का सही स्पष्टीकरण देता है

B

प्रक्कथन और कारण दोनों सही हैं किन्त कारण प्रक्कथन का सही स्पष्टीकरण नही देता है

C

प्रक्कथन सही है किन्तु कारण गलत है

D

प्रक्कथन और कारण दोनों गलत हैं

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

बैक्टीरिया और यीस्ट संवर्धन माध्यम में बहुत आसानी से वृद्धि करते हैं, और तीव्रता से गुणन करते हैं, इसलिये ये पुर्नसंयोजी DNA की कई प्रतिलिपियों को बनाने, और ऐच्छिक जीन के लक्षण को प्रदर्शित करने के लिये उत्तम होता है।
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