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PHYSICS
अवतल दर्पण को फोकस - दूरी 15cm है । इससे...

अवतल दर्पण को फोकस - दूरी 15cm है । इससे 25cm की दूरी पर 4cm ऊँची एक वस्तु रखी गई है । दर्पण से कितनी दूरी पर इसका प्रतिबिंब बनेगा ? प्रतिबिंब का आकार क्या होगा और वह सीधा होगा या उलटा ?

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यदि कोई वस्तु समतल दर्पण से 5cm दूर है तो वस्तु एवं प्रतिबम्ब के मध्य दूरी ज्ञात कीजिये

A is a point at a distance 26 cm from the centre O of a circle of radius 10 cm. AP and AQ are the tangents to the circle at the point of contacts P and Q. If a tangent BC is drawn at a point R lying on the minor are PQ to intersect AP at B and AQ at C, then the perimeter of triangle ABC is: त्रिज्या 10 सेमी के वृत्त के केंद्र O से 26 सेमी की दूरी पर A एक बिंदु है। AP और AQ बिंदु P और Q पर स्पर्शरेखा है। यदि स्पर्शरेखा BC वृत्त के PQ माइनर को R पर कटती है और PA को B पर और PQ को C पर प्रतिछेदित करती है , तो ABC की परिधि है

A ladder is placed against a wall such that it just reaches the top of the wall.The foot of the ladder is at a distance of 5 metres from the wall. The angle of elevation of the top of the wall from the base of the ladder is 15^@ . What is the length (in metres) of the ladder? एक सीढ़ी दीवार के सहारे इस प्रकार खड़ी है कि वह दीवार की चोटी तक पहुँचाती है। सीढ़ी का आधार दीवार से 5 मीटर की दूरी पर है। सीढ़ी के आधार से दीवार की चोटी का उन्नयन कोण 15^@ है। सीढ़ी को लंबाई (मीटर में) क्या है?

A is a point at a distance 26 cm from the centre O of a circle of radius 10 cm. AP and AQ are the tangents to the circle at the point of contacts P and Q. If a tangent BC is drawn at a point R lying on the minor are PQ to intersect AP at B and AQ at C, then the perimeter of triangle ABC is: त्रिज्या 10 सेमी के वृत्त के केंद्र O से 26 सेमी की दूरी पर A एक बिंदु है। AP और AQ बिंदु P और Q पर स्पर्शरेखा हैं। यदि स्पर्शरेखा BC वृत्त के PQ माइनर को R पर कटती है और PA को B पर और PQ को C पर प्रतिछेदित करती है , तो ABC की परिधि है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। एक धनी युवक संत के पास यह पूछने के लिए गया कि उसे अपने जीवन में क्या करना चाहिए। संत उसे कमरे की खिड़की तक ले गए और उससे पूछा, "तुम्हें काँच के परे क्या दिख रहा है?" "सड़क पर लोग आ-जा रहे हैं और एक-बेचारा गरीब व्यक्ति भीख मांग रहा है। इसके बाद संत ने उसे एक बड़ा दर्पण दिखाया और पूछा, "अब इस दर्पण में देखकर बताओ कि तुम क्या देखते हो।" "इसमें मैं स्वयं को देख रहा हूँ" "ठीक है, दर्पण से तुम दूसरों को नहीं देख सकते। तुम जानते हो कि खिड़की में लगा काँच और यह दर्पण एक ही मूल पदार्थ से बने हैं। तुम स्वंय की तुलना काँच के इस दोनों रूपों से करके देखो। जब यह साधारण है तो तुम्हें सभी दिखते हैं और उन्हें देखकर तुम्हारे भीतर करूणा जागती है और जब इस काँच पर चाँदी का लेप हो जाता है, तो तुम केवल स्वयं को देखने लगते हो" "तुम्हारा जीवन भी तभी महत्त्वपूर्ण बनेगा जब तुम अपनी आँखों पर लगी चाँदी की परत को उतार दो आप अपनी आँखों पर लगी चाँदी की परत को उतार दो।" इस वाक्य का निहितार्थ है