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Class 11
PHYSICS
किसी कण का वेग सूत्र v=alphat+(beta)/(1+...

किसी कण का वेग सूत्र `v=alphat+(beta)/(1+gamma)` के अनुसार समय t पर निर्भर करता है तो `alpha,beta` तथा `gamma` के विमीय सूत्र क्रमशः होंगे

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The graph of the equation x-7y = -42, intersects the y-axis at P (alpha, beta) and the graph of 6x+y-15=0, intersects the x-axis at Q(gamma, delta) . What is the value of alpha+ beta+ gamma +delta ? समीकरण x-7y = -42 का आरेख y-अक्ष को P (alpha, beta) पर काटता है तथा समीकरण 6x+y-15=0 का आरेख x-अक्ष को Q(gamma, delta) पर काटता है | alpha+ beta+ gamma +delta का मान क्या है?

For alpha and beta both being acute angles, it is given that sin(alpha + beta) = 1,cos (alpha-beta)=1/2 . The values of alpha and beta are: यदि alpha और beta दोनों न्यून कोण है तथा यह दिया गया है कि sin(alpha + beta) = 1,cos (alpha-beta)=1/2 है, तो alpha और beta के मान ज्ञात करें |

The graphs of the equations 3x+y-5=0 and 2x-y-5=0 intersect at the point P (alpha, beta) . What is the value of (3 alpha+ beta) ? समीकरण 3x+y-5=0 तथा 2x-y-5=0 के आरेख एक बिंदु P (alpha, beta) पर एक-दूसरे को काटते है (3 alpha+ beta) का मान क्या है ?

The graph of the equations 5x-2y+1=0 and 4y-3x+5=0, intersect at the point P (alpha, beta) . What is the value of (2 alpha-3 beta) ? समीकरण 5x-2y+1=0 और 4y-3x+5=0 के आरेख एक-दूसरे को बिंदु P (alpha, beta) पर काटते हैं | (2 alpha-3 beta) का मान क्या होगा ?

The point of intersection of the graphs of the equations 3x-5y=19 and 3y-7x+1=0 is P (alpha, beta) . What is the value of (3 alpha- beta) ? समीकरण 3x-5y=19 तथा 3y-7x+1=0 के आरेखों का प्रतिच्छेद बिंदु P (alpha, beta) है | (3 alpha- beta) का मान क्या है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नो में सबसे उचित विकल्प चुनिए। इस समय जनसत्त संसार के प्रत्येक देश के दरवाजे पर दस्तक दे रही है और आज वह अपने मजबूत हाथो में भारतवर्ष के दरवाजे की जंजीर भी खटखटाती हुई उसे अत्यंत प्राचीन भूमि के निवासियों से प्रश्न करती है की बतलाओ , तुम नवयुग का स्वागत किस प्रकार करना चाहते हो ? इस देश के युवको से और उन सभी प्रकार के लोगो से जो कर्मक्षेत्र में अवतीर्ण हो चुके है उसके संसार के अत्याचारों और अनाचारों की और ऊँगली उठाते हुए स्पष्ट प्रश्न है कि क्या उस समय जबकि संसार में न्याय और अन्याय का ऐसा घमासान युद्ध छिड़ा हुआ है , तुम निष्क्रिय और चुपचाप हाथ पर हाथ रखे बैठे रहना ही उचित समझते हो ? क्या उस समय जबकि राष्ट्रों के होनहार नैनिहाल केवल निकृष्ट श्रेणियों में जन्म लेने के कारण जबरदस्तों कि स्वार्थ वेदी पर बेदर्दी से बलिदान किये जा रहे है , जब केवल जाती या रंग के कारण मनुष्य मनुष्य कि गर्दन काट रहा है , तुम चुपचाप बैठे हुए इस विभीषिका को देखते रहना अपना धर्म समझते हो ? क्या उस समय जब व्यक्तियों के स्वेच्छाचारो के अंत कि घोषणा संसार भर में गूंज उठी है और स्वेच्छाचार अपनी धाक कि समाप्ति के पश्चात अब अपने जाने कि गंभीरतापूर्वक तयारी कर रहा है , तब उन घटनाओ को चुपचाप देखना ही तुम्हारा कर्तव्य है ? लेखक के अनुसार अन्याय तथा अत्याचार ?