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एक भ्रमण करती हुई क्रिकेट टीम में 1...

एक भ्रमण करती हुई क्रिकेट टीम में 16 खिलाड़ी हैं जिनमें से 5 गेंदबाज़ व 2 विकेट कीपर हैं । इसमें 11 खिलाड़ियों कि ऐसी कितनी टीमें चुनी जा सकती हैं जिसमें 3 गेंदबाज व 1 विकेट कीपर मौजुद हों ?

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Six boys R1, R2, R3, R4, R5 and R6 are sitting in a row facing towards the north (Not necessarily in the same order). There are three boys between R4 and R2. R4 is not at any of the end. Only three boys are between R1 and R5. R3 is towards the left of R6. R1 is at one of the end. R2 is towards the right of R4. Which of the following statements is correct? छः लड़के R1, R2, R3, R4, R5 और R6 एक पंक्ति में उत्तर की ओर मुख करके बैठे हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि इसी क्रम में | R4 और R2 के बीच तीन लड़के हैं | R4 किसी भी छोर पर नहीं है | R1 तथा R5 के बीच केवल तीन लड़के हैं | R3, R6 के बाएं तरफ है | R1 किसी एक छोर पर है | R2, R4 के दायें को है | निम्न में से कौन सा कथन सही है ?

Six employees R1, R2, R3, R4, R5 and R6 are sitting around a circular table facing towards the centre (not necessarily in the same order). R5 is third to the left of R3. R2 is to the immediate left of R4. R1 is to the immediate left of R5. Which of the following statements is incorrect about R6? छः कर्मचारी - R1, R2, R3, R4, R5 और R6 एक वृत्ताकार मेज के चारो तरफ केंद्र की ओर मुख करके खड़े हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि इसी क्रम में | R5, R3 के बाएं को तीसरे स्थान पर है |R2, R4 के तुरंत बाएं को है | R1, R5 के तुरंत बाएं को है | R6 के बारे में निम्र में से कौन सा कथन गलत है ?

Six tablets T1, T2, T3, T4, T5 and T6 are placed in a row facing towards North (Not necessarily in the same order). Two tablets are placed between T1 and T5. T3 is placed second to the right of T6. T2 is placed second to the right of T1. T5 is towards the left of T1. Which of the following pair of tablets represents the tablets to the immediate right of T6 and T5 respectively? छह गोलियाँ T1, T2, T3, T4, T5 और T6 को उत्तर की ओर एक पंक्ति में रखा गया है (जरूरी नहीं कि उसी क्रम में)। दो गोलियाँ T1 और T5 के बीच रखी गई हैं। T3 को T6 के दाईं ओर दूसरे स्थान पर रखा गया है। T2 को T1 के दाईं ओर रखा गया है। T5 T1 के बाईं ओर है। निम्न में से कौन सी टैबलेट क्रमशः T6 और T5 के दाईं ओर टैबलेट का प्रतिनिधित्व करती है?

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं। लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते हैं। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है, तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात् सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल बाहर से नहीं, मन की गहराईयों में स्वयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रूप-स्वरूप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते हैं तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम्, शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। अनुच्छेद के निम्नलिखित वाक्य को चार भागों में बाँटा गया है जिनमें एक भाग में अशुद्धि है। उस भाग को पहचानिए: (i) - "केवल मात्र बाहर से नहीं (ii)-मन की गहराइयों में (iii) स्वयं को सुंदर (iv) बनाना होगा।

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चिह्नित कीजिए: हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं। लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके सथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते हैं। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है, तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात् सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल बाहर से नहीं, मन की गहराईयों में स्वयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रूप-स्वरूप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते हैं तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएँगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम्, शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। अनुच्छेद के निम्नलिखित वाक्य को चार भागों में बाँटा गया है जिनमें एक भाग में अशुद्धि है। उस भाग को पहचानिए: " ("केवल मात्र बाहर से नहीं")/((i))" "("मन की गहराइयों में")/((ii))" "("स्वयं को सुंदर")/((iii))" "("बनाना होगा।")/((iv)) "