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Class 6
MATHS
तीन टैंकरों में क्रमश: 403 लीटर,434 लीटर...

तीन टैंकरों में क्रमश: 403 लीटर,434 लीटर और 465 लीटर डीजल है! उस बर्तन की अधिकतम धारिता ज्ञात कीजिए जो इन तीनो टैंकरों के डीजल को पूरा-पूरा माप देगा!

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12 buckets of water fill a tank when the capacity of each bucket is 13.5 litres. How many buckets will be needed to fill the same tank, if the capacity of each bucket is 9 litres? / किसी टंकी को भरने में 12 बाल्टी पानी लगता है जब प्रत्येक बाल्टी की धारिता 13.5 लीटर है | यदि प्रत्येक बाल्टी की धारिता 9 लीटर हो, तो इसी टंकी को भरने के लिए कितनी बाल्टियों की आवश्यकता होगी ?

12 buckets of water fill a tank when the capacity of each bucket is 13.5 litres. How many buckets will be needed to fill the same tank, if the capacity of each bucket in 9 litres? किसी टंकी को भरने में 12 बाल्टी पानी लगता है जब प्रत्येक बाल्टी की धारिता 13.5 लीटर है | यदि प्रत्येक बाल्टी की धारिता 9 लीटर हो, तो इसी टंकी को भरने के लिए कितनी बाल्टियों की आवश्यकता होगी ?

A, B and C can complete a work alone - in 12, 24 and 36 days respectively. Together they complete the same work and get Rs. 3850. What is the difference between the share of B and C ? A, B और C किसी कार्य को अकेले -अकेले कर उसे क्रमश: 12, 24 और 36 दिनों में पूरा कर सकते है | वे मिलकर उसी कार्य को पूरा कर 3850 रूपए प्राप्त करते है | B और C के हिस्से की राशियों में कितना अंतर है ?

A and B are solutions of acid and water. The ratios of water and acid in A and B are 4 : 5 and 1 : 2, respectively If x liters of A is mixed with Y liters of B, then the ratio of water and acid in themixture becomes 8 : 13. What is x : y ? A और B एिसड और पानी के मिश्रण हैं। A और B में पानी और एसिड का अनुपात क्रमशः 4: 5 और 1: 2 है, यदि x लीटर A को Y लीटर B के साथ मिलाया जाता है, तो मिश्रण में पानी और एसिड का अनुपात 8: 13 हो जाता है। तो x : y ज्ञात कीजिए ।

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह मांग होती है कि बच्चे का बौद्धिक विकास विचारों के प्रोच के पास हो। दूसरे शब्दों में, यह तोस, वास्तविक बिषों के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो. जहाँ बच्चा ठोस बिंब को देखें, सुने और फिर उसका विचार इस बिंब के बारे में प्राप्त सूचना के संसाधन के काम में लगे। जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है. अब बच्चा पढ़ाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएँ जल्दी ही थक जाती हैं और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती और इन कोशिकाओं को तो अभी विकसित, सशक्त, सुबुढ़ होना है। यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में अक्सर देखने में आती है-बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखें डाले देखता है, मानों बड़े ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योंकि बच्चे को नियमों पर सोच विचार करना पड़ता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती है। केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान देना।

बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह माँग होती है कि बच्चे का बौद्धिक विकास विचारों के स्रोत के पास हो। दूसरे शब्दों में, यह ठोस, वास्तविक बिम्बों के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो, जहाँ बच्चा ठोस बिम्ब को देखे, सुने और फिर उसका विचार इस बिम्ब के बारे में प्राप्त सूचना के 'संसाधन' के काम में लगे। जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है, जब बच्चा पढ़ाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएं जल्दी ही थक जाती है और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती और इन कोशिकाओं को तो अभी विकसित, सशक्त, सुदृढ़ होना है। यही पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में अक्सर देखने में आती है-बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखें डाले देखता है, मानो बड़े ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योक बच्चे को नियमों पर सोच-विचार करना पड़ता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती हैं। केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान देना