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Class 12
CHEMISTRY
स्वर्ण जलीय धातुकर्म प्रक्रम द्वारा निष्...

स्वर्ण जलीय धातुकर्म प्रक्रम द्वारा निष्कर्षित हो जाता है यह इसके किस गुण पर आधारित है? 

A

धन वैद्युत गुण होने के

B

कम क्रियाशील होने के

C

जल में विलेय संकुल निर्मित करने के

D

जल में विलेय लवण निर्मित करने के

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
C

हाइड्रो धातुकर्म, धातु अथवा उसके अयस्क को उपयुक्त रासायनिक अभिकर्मक की क्रिया द्वारा घोलने का प्रक्रम है। इसके बाद धातु की प्राप्ति या तो विद्युत अपचयन या उपयुक्त अवक्षेपण कारक के उपयोग द्वारा की जाती है।
`4Au+ 8KCN+2H_2O + O_2 rarr 4K [Au(CN)_2] +4KOH`
`2K[Au(CN)_2] + Zn rarr 2Au + K_2[Zn(CN)_4]`
लेड तथा टिन को अपने अयस्कों से निष्कर्षित करने की मुख्य विधियाँ क्रमशः स्वतः अपचयन तथा कार्बन अपचयन है। अयस्क को वायु की अधिकता में गर्म करने के प्रक्रम को भर्जन कहते हैं। इसका प्रयोग मुख्यतः सल्फाइड अयस्कों के लिए किया जाता है (Pbs के लिए)। ऑक्साइड अयस्क को कार्बन के साथ गलित करके धातु के निष्कर्षण की विधि को निस्तापन कहते हैं। [Sn के लिए]
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