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CHEMISTRY
सल्फाइड अयस्क का ऑक्साइड में भर्जन किए ज...

सल्फाइड अयस्क का ऑक्साइड में भर्जन किए जाने तथा सीधे कार्बन द्वारा अपचयित नहीं किए जाने के लिए निम्न में से किस कारक का महत्व नहीं है?

A

ऊष्मागतिकीय रूप से धातु सल्फाइड `CO_2` की अपेक्षा अधिक स्थायी होते हैं

B

ऊष्मागतिकीय रूप से `CO_2, CS_2` से अधिक स्थायी है

C

धातु सल्फाइड संगत ऑक्साइडों की अपेक्षा कम स्थायी होते हैं

D

`CO_2, CS_2` की अपेक्षा अधिक वाष्पशील है

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C

`2MS+C to 2M+ CS_2, DeltaG_1` = धनात्मक
`2MO + C rarr 2M + CO_2 : DeltaG_2` = ऋणात्मक
`CO_2` के उत्पादन के लिए `DeltaG` का मान ऋणात्मक है। अतः ऊष्मागतिकीय रूप से यह `CS_2` से अधिक स्थायी है। धातु सल्फाइड भी `CS_2` की उपेक्षा अधिक स्थायी होते हैं। धातु सल्फाइड अपने संगत ऑक्साइडों की अपेक्षा अधिक स्थायी होते हैं। अतः इन्हें भर्जन द्वारा कम स्थायी ऑक्साइडों में परिवर्तित किया जाता है।
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