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Class 12
BIOLOGY
95 dB पर शोर के दीर्घकालीन प्रकटीकरण से ...

95 dB पर शोर के दीर्घकालीन प्रकटीकरण से होता है-

A

श्वसनीय समस्या

B

त्वचा कैन्सर

C

तन्त्रिका तनाव और रुधिर दाब में वृद्धि

D

पाचन स्पैज्म (Spasm)

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C

ध्वनि को डेसिबल (db) में ज्ञात करते हैं। डेसिबल कान के लिये ध्वनि की प्रबलता को ज्ञात करता है। मनुष्यों में सुनने का परास 120db तक होती है। हम साधारणतः संवादों को 50 db पर सुन सकते हैं परन्तु 120 db के ऊपर की ध्वनि हानिकारक होती है। इसके अतिरिक्त यह पाया जाता है कि 95 db पर लम्बे समय का शोर बहरापन, सन्त्रिका तनाव और रूधिर दाब में बढ़ोतरी उत्पन्न करता है। शोर उच्च रूधिर दाब में वृद्धि करता है। रूधिर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि द्वारा शोर चिन्ता, व्यग्रता और तनाव में परिणित होता है।
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