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Class 11
PHYSICS
पृथ्वी तल से कितनी ऊँचाई पर किसी पिण्ड क...

पृथ्वी तल से कितनी ऊँचाई पर किसी पिण्ड का भार, उसके पृथ्वी तल पर भार का 1/4 रह जाएगा ?

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If the height of a cylinder is 4 times its circumference, the volume of the cylinder in terms of its circumference c, is यदि किसी बेलन की ऊँचाई उसके परिधि का 4 गुना है, तो इसके परिधि c के पद में बेलन का आयतन ज्ञात करें।

The simple interest on a sum of money for 2 years at certain rate of interest is Rs320. The compound interest, compounded annually on the same sum for the same duration and at the same rate of interest is Rs384. The sum (in Rs) is: किसी राशि पर किसी निश्चित दर से दो वर्षों का साधारण ब्याज 320 रुपये है | इसी राशि पर इसी दर से इस अवधि का चक्रवृद्धि ब्याज ( वार्षिक रूप से संयोजित ) 384 रुपये है | यह राशि (रुपये में) है :

एक कोण पर झुके हुए तल पर ऊँचाई से प्रक्षेप्य

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 16 भाग्यवाद आवरण पाप का और शस्त्र शोषण का जिससे दबाता एक जन भाग दूसरे जन का पूछो किसी भाग्यवादी से यदि विधि अंक प्रबल है, पद पर क्यों देती न स्वयं वसुधा निज रतन उगल है? उपजाता क्यों विभव प्रकृति को सींच-सींच वह जल से क्यों न उठा लेता निज सचित अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा भाग्यवाद के छल से। नर समाज का भाग्य एक है वह श्रम, वह भुज-बल है। जिसके सम्मुख झुकी हुई है। पृथ्वी, विनीत नभ-तल है। नर समाज का भाग्य क्या है?

Revision| ऊध्वार्धर तल में वस्तुएं की ऊपर की और त्वरित गति|लिफ्ट में व्यक्ति का आभासी या प्रभावी भार|जड़त्व|Quiz|OMR|Summary

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 16 भाग्यवाद आवरण पाप का और शस्त्र शोषण का जिससे दबाता एक जन भाग दूसरे जन का पूछो किसी भाग्यवादी से यदि विधि अंक प्रबल है, पद पर क्यों देती न स्वयं वसुधा निज रतन उगल है? उपजाता क्यों विभव प्रकृति को सींच-सींच वह जल से क्यों न उठा लेता निज सचित अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा भाग्यवाद के छल से। नर समाज का भाग्य एक है वह श्रम, वह भुज-बल है। जिसके सम्मुख झुकी हुई है। पृथ्वी, विनीत नभ-तल है। भाग्यवाद क्या है?

Revision|पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ती कैसे हुई|ओपेरिन सिद्धांत या जीवन की उत्पत्ति का जैव रासायनिक सिद्धांत |चरण |स्टैनले मिलर का प्रयोग|OMR

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 16 भाग्यवाद आवरण पाप का और शस्त्र शोषण का जिससे दबाता एक जन भाग दूसरे जन का पूछो किसी भाग्यवादी से यदि विधि अंक प्रबल है, पद पर क्यों देती न स्वयं वसुधा निज रतन उगल है? उपजाता क्यों विभव प्रकृति को सींच-सींच वह जल से क्यों न उठा लेता निज सचित अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा भाग्यवाद के छल से। नर समाज का भाग्य एक है वह श्रम, वह भुज-बल है। जिसके सम्मुख झुकी हुई है। पृथ्वी, विनीत नभ-तल है। कवि ने शोषण का शस्त्र किसे माना है?