Home
Class 11
PHYSICS
कारण सहित बताइये की क्या किसी वस्तु की ए...

कारण सहित बताइये की क्या किसी वस्तु की एकविमीय गति में त्वरण हो सकता है यदि - ( i ) वस्तु की चाल एकसमान है । (ii) वस्तु का वेग एकसमान है । ( iii ) समान समयांतराल में वस्तु का विस्थापन समान है । ( iv ) समान समयांतराल में वस्तु द्वारा चली गयी दूरी समान है ।

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गयी दूरी क्या कहलाती है

कक्षा में किसी वस्तु का वास्तविक स्वरूप चित्र द्वारा स्पष्ट किया जाना सम्भव न होने की स्थिति में प्रयोग करना उचित होगा

एक 5 kg द्रव्यमान वाली वस्तु पर 2s के लिये एक नियत बल कार्यरत होता है। यह वस्तु के वेग को 3m/s से बढा 7m/s कर देता है। लगाये गये बल की मात्रा ज्ञात करें

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। सौन्दर्य की परख की जाती है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरित्र का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। रसास्वादन की अनुभूति का बोध होता है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। कवि जयदेव का 'वसन्त चित्रण' सुन्दर है, पर मनोहर नही, क्योंकि