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Class 12
PHYSICS
R त्रिज्या की अत्यधिक लम्बी परिनालिका मे...

R त्रिज्या की अत्यधिक लम्बी परिनालिका में प्रवाहित धारा `I(t)=kte^(-alphat)(kgt0)` समय के फलन `(tge0)` के रूप में है। वमापवर्त दिशा में धारा को धनात्मक लिया गया है। 2R त्रिज्या वाली एक वृत्ताकार कुण्डली को परिनालिका के समकेंद्रीय तथा इसके मध्यवर्ती समतल में रखते है। बाह्य कुण्डली में प्रेरित धारा को समय के फलन में सही रूप से दर्शाने वाला ग्राफ है

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