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PHYSICS
इस शताब्दी के एक महान भौतिकविद (पी.ए.एम....

इस शताब्दी के एक महान भौतिकविद (पी.ए.एम. डिरेक) प्रकृति के मूल स्थिरांको (नियतांकों) के आंकिक मानो के साथ क्रीड़ा में आनंद लेते थे । इससे उन्होने एक बहुत ही रोचक प्रेक्षण किया । परमाण्वीय भौतिकी के मूल नियतांकों (जैसे - इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान, प्रोटॉन का द्रव्यमान तथा गुरुत्वीय नियतांक G) से उन्हें पता लगा की वे एक ऐसी संख्या पर पहुंच गए हैं जिसकी विमा समय की विमा है । साथ ही, यह एक बहुत ही बड़ी संख्या थी और इसका परिमाण विश्व की वर्तमान आकलित आयु (~ 1500 करोड़ वर्ष) के करीब है । इस पुस्तक में दी गई मूल नियतांकों की सारणी के आधार पर यह देखने का प्रयास कीजिए की क्या आप भी यह संख्या (या और कोई अन्य रोचक संख्या जिसे आप सोच सकते हैं) बना सकते हैं ? यदि विश्व की आयु तथा इस संख्या में समानता महत्वपरून है, तो मूल नियतांकों की स्थिरता किस प्रकार प्रभावित होगी ?

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