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CHEMISTRY
थायॉल ऋणायन, RS^(Ɵ) तथा ऐल्कॉक्सी ऋणायन,...

थायॉल ऋणायन, `RS^(Ɵ)` तथा ऐल्कॉक्सी ऋणायन, `RO^(Ɵ)` पर विचार कीजिए। निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?

A

`RS^(Ɵ), RO^(Ɵ)` की अपेक्षाकृत कम क्षारीय परन्तु अधिक नाभिकस्नेही है

B

`RS^(Ɵ), RO^(Ɵ)` की अपेक्षाकृत अधिक क्षारीय तथा अधिक नाभिकस्नेही है

C

`RS^(Ɵ), RO^(Ɵ)`की अपेक्षाकृत अधिक क्षारीय परन्तु कम नाभिकस्नेहीं है

D

`RS^(Ɵ),RO^(Ɵ)`की अपेक्षाकृत कम क्षारीय तथा कम नाभिकस्नेही है

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

नाभिकस्नेही उन स्पीशीजों को कहा जाता है जिनमें एक एकाकी युग्म दान करने के लिए उपलब्ध होता है। तथा 0 में से 0 अधिक विद्युत् ऋणात्मक है अतः अपने इलेक्ट्रॉनों को अच्छी प्रकार बाँधे रखता है। इसक कारण `RS^(-) RO^(-)` की अपेक्षाकृत प्रबल नाभिकरागी है। (क्योंकि `RS^(-)` में S का एकाकी युग्म अधिक उपलब्ध होता है।)
S का आकार 0 से बड़ा होने के कारण S-H बन्ध O-H बन्ध की तुलना में दुर्बल होता है। अतः `RSH^(-) ROH^(-)` की अपेक्षा प्रबल अम्लीय है। हम जानते हैं कि प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार दुर्बल होता है अत: `RS^(-),RO^(-)` की अपेक्षाकृत कम क्षारीय है।
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