नहीं, यह समतलीय अणु नहीं है।
मध्य वाला कार्बन परमाणु sp संकरित है और इसके दो असंकरित p-कक्षक एक-दूसरे से लंबवत हैं। इनमें से एक तल का p-कक्षक बाएँ किनारे वाले कार्बन के p-कक्षक से अतिव्यापन करता है और दूसरे तल का p-कक्षक दाहिने किनारे वाले कार्बन के p-कक्षक से अतिव्यापन करता है इसलिए किनारे वाले दोनों कार्बन परमाणुओं की स्थिति निश्चित हो जाती है और उनके साथ संलग्न हाइड्रोजन परमाणु एक-दूसरे पर लम्बवत् समतलों में आ जाते हैं। अतः किनारे वाले कार्बन परमाणुओं पर उपस्थित हाइड्रोजन परमाणु भिन्न तलों में उपस्थित रहते हैं।