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CHEMISTRY
किसी वैद्युत-संयोजक यौगिक में ऋणायन की स...

किसी वैद्युत-संयोजक यौगिक में ऋणायन की संयोजी-कक्षा के इलेक्ट्रॉनो को धनायन अपनी ओर आकर्षित करता है, जिसमें ऋणायन की आकृति विकृत हो जाती है। इस प्रक्रिया कोइ ध्रुवणता कहते हैं, तथा धनायन के द्वारा ऋणायन को ध्रुवित करने का गुण ध्रुवणता कहते हैं, तथा धनायन के द्वारा ऋणायन को ध्रुवित करने का गुण ध्रुवण क्षमता कहलाता है। इस प्रकार वैद्युत-संयोजक आबन्ध में कुछ प्रतिशत सहसंयोजक गुण आ जाता है। फायान्स के नियमानुसार - "संयोजी कक्षा में विकृति जितनी अधिक आती है, सहसंयोजक गुण उतना ही अधिक होता है।"
किसी वैद्युत-सहसंयोजक यौगिक में सहसंयोजक गुण किस कारण पर निर्भर करते हैं?

A

धनायन के आकार पर

B

ऋणायन के आकार पर

C

आयनों के आवेश पर

D

इन सभी कारकों पर

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
D

फायान्स नियमानुसार सहसंयोजक गुण निम्न कारकों पर निभर करते हैं
(a) धनायन के आकार पर
(b) ऋणायन के आकार पर
(c ) आयनों के आवेश पर
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