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रिवीजन|मध्य प्रदेश बोर्ड#!#सविनय अवज्ञा आंदोलन#!#क्रिप्स मिशन#!#स्वतंत्रता संग्राम में मध्यप्रदेश का योगदान#!#दांडी यात्रा

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निम्नलिखित गद्यांश के आधार प उत्तर दीजिए: गांधीजी सत्य और अहिंसा को जीवन में सर्वाधिक महत्व देते थे, सत्याग्रह व असहयोग आंदोलन द्वारा उन्होंने अंग्रेजों का मुकाबला किया। गांधीजी सब मनुष्यों को समान मानते थे। धर्म, जाति, संप्रदाय, रंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को वे मानवता का कलंक मानते थे। वे आर्थिक असमानता को भी मिटा डालना चाहते थे। सामाजिक न्याय, शारीरिक श्रम को महत्व देते थे। गांधीजी प्रजातांत्रिक राज्य को कल्याणकारी मानते थे। गांधीजी के अनुसार, नैतिक आचरण का जीवन में विशेष स्थान होना चाहिए। सत्य, न्याय, धर्म, अहिंसा, अपरिग्रह, निःस्वार्थ सेवा को मानवता के लिए सच्ची सेवा मानते थे। उनके राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विचारों में वसुधैव कुटुम्बकम का दृष्टिकोण प्रमुख था। उनकी मान्यता थी कि किसी राष्ट्र का समुचित उत्थान अपने परिवार, जाति, गांव, प्रदेश तथा देश की समस्याओं के सुधार से हो सकता है। स्वयं को सुधारों, सारा विश्व सुधरेगा उनका कहना सही था। शरीर यात्रा के लिए जितना आवश्यक हो उससे पैसा, अन्न आदि का न लेना' अर्थ को व्यक्त करने वाला शब्द है