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Class 12
PHYSICS
जब एक कण को x-अक्ष पर x= 0 तथा x = a, जह...

जब एक कण को x-अक्ष पर x= 0 तथा x = a, जहाँ नैनोमीटर के आस-पास है, चलने के लिए सीमित किया जाता है। तब इस कण की ऊर्जा के कुछ विशेष मान ही हो सकते है। इस सीमित क्षेत्र में गति करते कण की संभव ऊर्जाएँ इस क्षेत्र में बनने वाली अप्रगामी तरंगों से सम्बन्धित है, जिनके लिए x=0 तथा x = a पर निस्पन्द बन रहे हों। इन अप्रगामी तरंगों का तरंगदैर्ध्य, इस कण का रेखीय संवेग से डी-ब्रोगनी समीकरण के अनुसार सम्बन्धित है। द्रव्यमान m के कण की ऊर्जा एवं इसके रेखीय संवेग के बीच सम्बन्ध है, `E = p^2/(2m)`| अतः कण की ऊर्जा को एक क्वांटम संख्या 'n' जिसके मान 1,2,3, ... (n = 1, को मूल अवस्था कहते है) हो सकते हैं, के द्वारा दर्शाया जा सकता है। इस संख्या का सम्बन्ध अप्रगामी तरंगों में बन रहे लूपों की संख्या से है।
उपरोक्त मॉडल की सहायता से निम्नलिखित तीन प्रश्न हल करें। जब कण x=30 से x = तक रेखा पर चल रहा है।
` h = 6.6 xx 10^(-34) Js " तथा " e = 1.6 xx 10^(-19) C`
यदि कण का द्रव्यमान `m=1.0xx10^(-30)kg` तथा a=6.6 nm, हो, तब मूल अवस्था में कण की ऊर्जा सबसे निकट है :

A

0.8 meV

B

8meV

C

80 meV

D

800 meV

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B
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