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CHEMISTRY
अनुनाद की संकल्पना के अनुसार, जब भी एकल ...

अनुनाद की संकल्पना के अनुसार, जब भी एकल लुईस संरचना किसी एक अणु की पूर्णतः व्याख्या करने में असफल होती है, तब समान ऊर्जा, नाभिकों की समान सापेक्ष स्थिति व समान युग्मित व अनयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या वाली अनुनादी संरचनाएँ प्रयुक्त की जाती हैं। अणु की एक निश्चित संरचना होती है, जिसे अनुनादी संरचनाओं का अनुनाद संकर कहते हैं। व इसे एक लुईस संरचना द्वारा निरूपित नहीं किया जा सकता । अनुनाद के फलस्वरूप, कई अणु व आयनों में आबन्ध कोटि परिवर्तित हो सकती है, जिसे सूत्र द्वारा दर्शाया गया है सभी संरचनाओं में दो परमाणु के मध्य आबन्धों की
`("कुल संख्या")/(" कुल अनुनादी संरचनाओं की संख्या")="बन्ध कोटि"`
बेन्जीन की आबन्ध कोटि कितनी होती है?

A

2

B

1.5

C

2.5

D

3

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B


बन्ध कोटि `=("सभी संरचनाओं में दो परमाणुओं के बीच बन्धों की कुल संख्या")/("अनुनादी संरचनाओं की कुल संख्या")`
`=(2.1)/2 =1.5`
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