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BIOLOGY
ऋतु स्राव चक्र के बारे में नीचे दिये गये...

ऋतु स्राव चक्र के बारे में नीचे दिये गये कथनों को पढ़ें और दो सही कथनों को चुनें।
(i) ऋतु स्रावण का न होना गर्भावस्था की ओर संकेत करता है।
(ii) ओवरी और यूटेरस में परिवर्तन केवल ओवेरीयन हार्मोन्स के स्तरों में परिवर्तन से ही प्रेरित होते हैं।
(iii) LH का उच्च स्रावण ओव्यूलेशन को प्रेरित करता है।
(iv) यदि निषेचन होता है, तो कॉरपस ल्यूटियम तत्काल टूटने लगती है।

A

(i) व (ii)

B

(ii) व (iii)

C

(i) व (iii)

D

(i) व (iv)

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C

ऋतु स्राव का न होना गर्भाधारण का संकेत हो सकता है। गर्भध गरण के दौरान, रक्त में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्ट्रॉन का स्तर उच्च होता है जो यूटेरस के रख रखाव के लिये आवश्यक होता है और इसलिये ऋतु स्राव नहीं होता है। ऋतु स्राव चक्र के 14वें दिन, LH की मात्रा तीव्रता से बढ़ती है (जिसे LH सर्ज कहते है),जो ओव्यूलेशन को प्रोत्साहित करती है। ओवरी और यूटेरस में परिवर्तनों को ओवेरीयन हार्मोन्स और पिट्यूटरी हार्मोन्स के स्तरों में होने वाले परिवर्तनों द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। यदि निषेचन होता है, गर्भधारण के 16वें हफ्ते तक कॉरपस ल्यूटियम नष्ट होने लगती है।
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