Home
Class 12
BIOLOGY
ऋतु स्राव चक्र की रक्त बहने वाली अवस्था ...

ऋतु स्राव चक्र की रक्त बहने वाली अवस्था में अनिषेचित द्वितीयक ऊसाइटस स्वयं टूटने लगते (Autolysis) हैं। तब हार्मोन्स की भूमिका होती है

A

प्रोजेस्ट्रॉन और एस्ट्रोजन एण्डोमेट्रीयल आस्तर की हायपरट्राफी की निरंतरता को बनाये रखते हैं।

B

प्रोलेक्टीन और प्रोजेस्ट्रॉन LH के स्तर को कम करते हैं जिससे कॉरपस ल्यूटियम का रिग्रेशन होता है।

C

प्रोजेस्ट्रॉन, पिट्यूटरी से LH के स्रावण को रोकता है जो कॉरपस ल्यूटियम के परावर्तन (रिग्रेशन) का कारण बनता है।

D

प्रोलेक्टिन और एस्ट्रोजन, प्रोजेस्ट्रॉन के स्रावण को रोकते हैं जिससे यूटेराइन आस्तर टूटने लगता है।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C

यदि निषेचन नहीं होता है तो द्वितीयक ऊसाइट स्वयं ही नष्ट हो जाता है और प्रोजेस्ट्रॉन (कॉरपस ल्यूटियम से स्रावित), पिट्यूटरी से LH के स्रावण को रोकता है। LH के स्तर में कमी से कॉरपस ल्यूटिम ऑटोलिसिस के कारण परिवर्तित हो जाती है। यह रक्त में प्रोजेस्ट्रॉन के स्तर को कम करता है। प्रोजेस्ट्रॉन की कमी के कारण, यूटेराइन आस्तर टूटने लगता है जो रक्त स्रावण का कारण बनता है। इस पूरी प्रक्रिया को रक्त स्रावी प्रावस्था कहते हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • मानव जनन

    NCERT FINGERTIPS HINDI|Exercise उच्च स्तरीय वैचारिक दक्षताएं|7 Videos
  • मानव जनन

    NCERT FINGERTIPS HINDI|Exercise एन.सी.ई.आर.टी. प्रश्न प्रदर्शिका |18 Videos
  • मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव

    NCERT FINGERTIPS HINDI|Exercise अभिकथन एवं तर्क प्रारूप प्रश्न (ASSERTION & REASON CORNER)|15 Videos
  • मानव स्वास्थ्य तथा रोग

    NCERT FINGERTIPS HINDI|Exercise अभिकथन एव तर्क प्रारूप प्रश्न (ASSERTION & REASON CORNER)|18 Videos
NCERT FINGERTIPS HINDI-मानव जनन -अभिकथन एवं तर्क प्रारूप प्रश्न
  1. ऋतु स्राव चक्र की रक्त बहने वाली अवस्था में अनिषेचित द्वितीयक ऊसाइटस स...

    Text Solution

    |

  2. अभिकथन: स्परमेटोजेनेसिस ताप में कमी से प्रभावित नहीं होती है। तर्कः...

    Text Solution

    |

  3. अभिकथनः संभोग के दौरान एक पुरुष लगभग 50-100 मिलियन स्पर्मस स्खलित करता...

    Text Solution

    |

  4. अभिकथन: यूटेरस का आकार एक उल्टी नाशपाती के समान होता है। तर्कः यूटेर...

    Text Solution

    |

  5. अभिकथन: टाइप-B स्परमेटोगोनिया को प्राथमिक स्परमेटोसाइट कहते हैं। तर्...

    Text Solution

    |

  6. अभिकथन: मध्य भाग स्पर्म का पावर हाउस कहलाता है। तर्कः असंख्य माइटोका...

    Text Solution

    |

  7. अभिकथनः सभी प्रकार के संभोग से निषेचन और गर्भधारण नहीं होता है। तर्क...

    Text Solution

    |

  8. अभिकथनः भ्रूण जिसमें 8 से 16 ब्लास्टोमियर्स होते हैं, उसे मोरुला कहते ...

    Text Solution

    |

  9. अभिकथनः इम्प्लान्टेशन के बाद, कोरियोनिक विलाई नामक उँगलियों जैसे उभार ...

    Text Solution

    |

  10. अभिकथन: सेमिनीफेरस नलिकाओं के बाहर का क्षेत्र इन्टरस्टीशियल स्पेस कहला...

    Text Solution

    |

  11. अभिकथनः इन्फन्डीब्युलम ओवरी के पास एक फनल के आकार का भाग है। तर्कः ...

    Text Solution

    |

  12. अभिकथनः ऋतु स्राव चक्र के दौरान एण्डोमेट्रियम में चक्रीय परिवर्तन होते...

    Text Solution

    |

  13. अभिकथन: प्रत्येक शुक्रजनक नलिका अन्दर से तीन प्रकार की कोशिकाओं से आस्...

    Text Solution

    |

  14. अभिकथन: गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजेन्स और प्रोजेस्ट्रॉन जैसे हार्मोन...

    Text Solution

    |

  15. अभिकथनः गर्भावस्था के अन्त में यूटेरस के निरन्तर संकुचन से शिशु बाहर आ...

    Text Solution

    |

  16. अभिकथनः मादा के बाह्य जेनाइटेलिया में मोन्स प्यूबिस, लेबिया मेजोरा और ...

    Text Solution

    |