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CHEMISTRY
रेडियोरासायनिक विधियों का प्रयोग विलेयता...

रेडियोरासायनिक विधियों का प्रयोग विलेयता गुणनफल के मापन में कर सकते हैं। रेडियोसक्रियता के मापन द्वारा विलेयता साम्य में सान्द्रता का मापन कर सकते हैं जिससे विभिन्न साम्य सान्द्रताओं के सम्बन्ध में स्पष्ट विचार प्राप्त होते हैं। एक प्रयोग में 75000 मात्रक प्रति मिनट प्रति मोल रेडियोसक्रियता वाले सिल्वर समस्थानिक युक्त 0.010 M `AgNO_3` विलयन के 50.0 मिली 0.03 M `NaIO_3` विलयन के 100 मिली के साथ मिलाया गया। मिश्रित विलयन को 500 मिली तक तनु किया गया तथा छानकर समस्त `AgIO_3` अवक्षेप को पृथक कर लिया गया जिससे रेडियोसक्रिय विलयन शेष बचा । `AgIO_3` का मोलर द्रव्यमान = 285 ग्राम/मोल
शेष विलयन की रेडियोसक्रियता 50 मात्रक प्रति मिनट प्रति मोल पायी गयी। पृथक् किये गये `AgIO_3` अवक्षेप का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।

A

242

B

283

C

332

D

285

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

अवक्षेपित `AgIO_3` के मोलों की संख्या ` = 149/150` मिलीमोल
अवक्षेपित `AgIO_3` का द्रव्यमान ` =285xx149/150` ग्राम
` =283.1` ग्राम
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