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CHEMISTRY
मोनोसैकेराइड -CHO (या gtC=0) तथा –OH समू...

मोनोसैकेराइड -CHO (या `gt`C=0) तथा –OH समूह रखते हैं अतः सामान्यतः उनका ऑक्सीकरण या अपचयन होता है। मोनोसैकेराइड फेनिल हाइड्राजीन के आधिक्य के साथ 3 तुल्यांक) ओसाजोन बनाते हैं। ओसाजोन, निर्माण में केवल पहले दो कार्बन प्रयुक्त होते हैं अतः पहले दो कार्बन को छोड़कर शेष कार्बन परमाणुओं के समान विन्यास वाले मोनोसैकेराइड जैसे ग्लूकोस व फ्रक्टोस में, समान ओसाजोन बनाएंगे। A, B तथा C तीन हैक्सोस हैं तथा ओसाजोन बनाते हैं। यौगिक A से D तक निम्न प्रकार व्यवहार करते हैं
`(i) D overset(HCl)to underset(CH_3COOH)overset(Zn)to D-`फ्रक्टोस
`(ii) A overset(Ni,H_2)to"" overset(HNO_3) to underset(H_3O^(+)) overset(Na-Hg)to B+C`
`(iii) B overset(HNO_3)to` प्रकाश सक्रिय ग्लिसरिक अम्ल
`(iv) C overset(HNO_3)to` प्रकाश सक्रिय ग्लिसरिक अम्ल
यौगिक A होना चाहिए

A

D-ग्लूकोस

B

D-मैनोस

C

L-ग्लूकोस

D

L-मैनोस

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

B ऑक्सीकरण पर प्रकाश सक्रिय ग्लिसरिक अम्ल देता है अतः B की निम्न संरचना होनी चाहिए
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