वायुमडण्ल में नाइट्रोजन के ऑक्साइड ओजोन परत का क्षरण कर सकते हैं
B
ओजोन सूर्य की गहन पराबैंगनी विकिरणों को अवशोषित करती है
C
ओजोन परत का क्षरण इसकी क्लोरोफ्लोरो एल्केन के साथ रासायनिक अभिक्रिया होने के कारण होता है
D
ओजोन अवरक्त विकिरणों को अवशोषित करती है
लिखित उत्तर
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The correct Answer is:
D
`NO+O_3 to NO_2 + O_2` `O_3 + hv to O_2 + IO` `NO_2 +O to NO+ O_2` सम्पूर्ण अभिक्रिया : `2O_3 + hv 3O_2` अतः ओजोन परत नाइट्रोजन के ऑक्साइडों के कारण क्षरित हो जाती है। अतः कथन (a) सही है। (b) ओजोन परत एक रक्षी परत है तथा सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणें को रोकती है। अतः (b) भी सही कथन है। (c)`Cl+O_3 to CldotO+O_2` `O_3 + hv to dotO + O_2` `ClO+dotO to Cl+dotO_2` सम्पूर्ण अभिक्रिया `2O_3 +hv to 3O_2` अतः ओजोन परत फ्रेऑन के साथ अभिक्रिया से भी क्षरित होती है। अतः (c) भी सही कथन है। (d) गलत कथन है क्योंकि ओजोन परत अवरक्त किरणों के लिये पारगम्य होती है।