प्रदर्शित चित्र में एक आधे द्विउत्तल लैन्स की दोनों सतह की वक्रता त्रिज्या 40 cm है एवं इसका अपवर्तनांक 1 . 5 है। इसके को एक भाग को रजतीय किया गया है तथा एक समतल दर्पण के साथ इसको रखा गया है , चित्र देखिए। एक छोटी वस्तु O को इस प्रकार रखा गया है कि लैन्स तथा दर्पण से बने हुए प्रतिबिम्बों के मध्य सापेक्ष पार्श्र्व विस्थापन (parallax) प्राप्त नहींहोता है। यदि लैन्स (silvered) निकाय द्वारा बने अन्तिम प्रतिबिम्ब कि अनुप्रस्थ लम्बाई (transverse length) दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब कि अनुप्रस्थ लम्बाई से दुगुनी है तो सही कथन चुनिए
