एक वृत्ताकार कुंडली त्रिज्या R तथा इसमें धारा `I` है , यह इसके व्यास से गुजरने वाले स्थिर अक्ष के सापेक्ष घूर्णन कर सकती है , प्रारम्भ में इस प्रकार रखी हुई है की इसका तल चुम्बकीय क्षेत्र B के अनुदिश है। कुंडली या लूप की गति ऊर्जा क्या होगी जब यह `90^(@)` कोण से घुम जाए ( `I` को नियत मानते हुए )