एक अर्द्धवृत्ताकार धारावाही तार , जिसकी त्रिज्या R है तल में स्थित है। x-y अर्धवृत्त का केंद्र मूल बिंदु O पर स्थित है। यहाँ स्थिति x पर निर्भर असमरूप चुम्बकीय क्षेत्र `B = (B_(0)x)/(2R) hat(k)`( यहाँ `B_(0)` धनात्मक नियतांक है ) क्षेत्र में विद्यमान है। चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा अर्धवृत्ताकार तार पर बल ही दिशा होगी।
