लिखित उत्तर
Verified by Experts
टॉपर्स ने हल किए ये सवाल
जीव विज्ञान
S CHAND|Exercise जन्तु विज्ञान (वस्तुनिष्ठ प्रश्नोतर)|118 Videosजीव विज्ञान
S CHAND|Exercise जन्तु विज्ञान (रिक्त स्थानों की पूर्ति करें )|31 Videosजीव विज्ञान
S CHAND|Exercise वनस्पति विज्ञान (लघु उतरीय प्रश्नोतर)|49 VideosQUESTION BANK
S CHAND|Exercise रिक्त स्थानों की पूर्ति करें (पर्यावरणीय मुद्दे )|8 Videos
S CHAND-जीव विज्ञान-वनस्पति विज्ञान (दीर्घ उतरीय प्रश्नोतर)
- बीज सुषुप्तता क्या है ? यह किस प्रकार होती है ? बीज सषुप्तता किस प्रका...
Text Solution
|
- एक आवृत्तबीजी पुष्प के अनुदैर्घ्य काट का आरेखीय निरूपण करें।
Text Solution
|
- द्विबीजपत्री पौधों में भ्रूण का विकास कैसे होता है ? एकबीजपत्री एवं द्...
Text Solution
|
- एक सेब को आभासी फल क्यों कहते हैं ? पुष्प का कौन-सा भाग फल की रचना करत...
Text Solution
|
- द्विबीजपत्री भ्रूण के विकास का वर्णन कीजिए ।
Text Solution
|
- पीड़क-प्रतिरोधी पौधे से आप क्या समझते हैं ? बेसीलस-यूरीजियेंसिस की भूम...
Text Solution
|
- पोषक चक्र से क्या समझते हैं ? इसके प्रकारों का वर्णन करें।
Text Solution
|
- प्रभावित का नियम क्या है ?
Text Solution
|
- बहुप्रभाविता (Pleiotropy) क्या है ? उदाहरण देकर समझाएँ।
Text Solution
|
- जाति के उद्भव में बहुगणिता की क्या भूमिका रही है ?
Text Solution
|
- असंगजनन एवं बहुभ्रूणता क्या है ?
Text Solution
|
- अनुलेखन क्या है ? अनुलेखन एकल की आरेखीय संरचना का वर्णन करें।
Text Solution
|
- आनुवंशिक कूट से क्या समझते हैं ? इसकी प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।
Text Solution
|
- RNA एवं इसके प्रकार का वर्णन करें।
Text Solution
|
- वृद्धि मॉडल क्या है ? इसके उदाहरण दें।
Text Solution
|
- अलैंगिक तथा लैंगिक जनन में विभेद करें। कायिक जनन को प्रारूपिक अलैंगिक ...
Text Solution
|
- द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross) क्या है ? उदाहरण द्धारा समझाएँ।
Text Solution
|
- जैव प्रौद्योगिकी क्या है ? उसके प्रमुख सिद्धांतों का वर्णन करें।
Text Solution
|
- ट्रांसजेनिक जंतुओं के हानिकारक कुप्रभाव का वर्णन करें।
Text Solution
|
- अनुकूलन क्या है? जल में पाये जाने वाले जीवों में किस प्रकार का अनुकूलन...
Text Solution
|
(a) अक्ष (Axis)यह छोटी रचना होती है जिसमें दोनों दालें या बीजपत्र जुड़े होते हैं। अक्ष का निचला भाग जो नुकीला होता है, उसे मूलांकुर (Redicle) कहते हैं। अक्ष का ऊपरी भाग जिस पर छोटी-छोटी पत्तियाँ लगी होती है, उसे प्रांकुर (Plumule) कहते हैं, यह दोनों बीजपत्रों के बीच दबा रहता है। दोनों बीजपत्रों में भोज्य-पदार्थ ठोस रूप में एकत्र रहते हैं जो अंकुरण के समय घोल के रूप में अक्ष को भोजन देता है। जब बीज का अंकुरण होता है तो पहले मूलांकुर (Redicle) बाहर निकलता है और जड़ का निर्माण करता है। इसके बाद प्रांकुर (Plumule) बाहर निकलता है और प्ररोह (Shoot) का निर्माण करता है।