बिन्दु A पर पथान्तर `2.5 lambda` है और बिन्दु B पर पथान्तर शून्य है। जबकि A से B पर पथान्तर शून्य है। जबकि A से B तक जाने में पथान्तर `2.5 lambda` से शून्य तक बदलता है, जिसमें `2 lambda & lambda` (B के अतिरिक्त) के संगत दो उच्चिष्ठ हैं। B दो ऊपरी एक चौथाई वत्ता के लिए उभयनिष्ठ है इसलिए ऊपरी अर्द्ध वत्त में पांच उच्चिष्ठ हैं, सम्पूर्ण वत्त में 10 उच्चिष्ठ होंगे।
