30 cm लम्बाई तथा 0.1 kg/m रेखीय द्रव्यमान घनत्व की धातु की रस्सी को चित्रानुसार कीलकीत किया गय है जो 40 N का तनाव पर है। एक छोटा राईडर (rider) (कागज का टुकड़ा) चिनसार रस्सी के बिन्दु P पर रखा हुआ है। एक कम्पन्न करता हुआ बाह्य स्वरित्र इस डोरी के समीप लाया जाता है तथा सवार का दोलन सावधानीपूर्वक प्रेक्षित किया जाता है।
अब यदि डोरी में तनाव 160 N किया जाता है, तो स्वरित्र की किस आवृत्ति पर राईडर कम्पन्न बिलकुल भी नहीं करेगा।