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Class 10
PHYSICS
R प्रतिरोध वाले प्रतिरोध के सिरों के बीच...

R प्रतिरोध वाले प्रतिरोध के सिरों के बीच विभवांतर V और प्रतिरोधक से होकर प्रवाहित होनेवाली धारा I के बीच संबंध होता है

लिखित उत्तर

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ओम का नियम - नियत ताप पर किसी चलिक के सिरों के बीच का विभवांतर उसमे प्रवाहित धारा का समानुपाती होता है अर्थात
`VpropI`
`V=IR`,
`R=(V)/(I)`
(जहाँ V = विभवांतर और I = धारा)
(जहाँ R = नियतांक = प्रतिरोध)
सत्यापन - सर्वप्रथम परिपथ में बैट्री, परिवर्तनशील प्रतिरोध Rh (रियोस्टेट) और आमीटर को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है तथा वोल्टमीटर को समांतरक्रम में जोड़ा जाता है। जब कुँजी K पर डाट लगाते है तो परिपथ में धारा प्रवाहित होने लगती है। इस प्रकार प्रवाहित धारा I को आमीटर पर एवं विभवांतर V को वोल्टमीटर पर पढ़ लिया जाता है और `(V)/(I)` का मान ज्ञात कर लिया जाता है। अब रियोस्टेट द्वारा का मान बदल-बदल कर प्रयोग दुहराते है और प्रत्येक स्थिति में `(V)/(I)` का मान ज्ञात करते है तो पाते है कि `(V)/(I)` = नियतांक। इससे ओम के नियम की जाँच हो जाती है।

प्रयोग से प्राप्त आकँड़ो के आधार पर जब X-अक्षर पर V एवं Y-अक्षर पर i लेकर ग्राफ खींचते है तो सरल रेखा प्राप्त होती है। इससे भी ओम के नियम की जाँच हो जाती है।
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