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BIOLOGY
मेण्डल द्वारा किये गये एक संकर. संकरण के...

मेण्डल द्वारा किये गये एक संकर. संकरण के परिणाम को स्पष्ट कीजिए।

लिखित उत्तर

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ग्रेगर जॉन मेंडल को आनुवंशिकी का पिता कहा जाता है। मटर के पौधे पर किये गये अपने प्रयोगों के निष्कर्षों को उन्होंने 1866 में Annual Proceedings of the Natural Society of Brunn में प्रकाशित किया। इसने मटर जैसे साधारण पौधे का चयन किया। मटर के पौधे के गुण स्पष्ट तथा विपरीत लक्षणों वाले होते हैं। मेंडल ने प्रयोग में विपरीत गुण वाले लम्बे तथा बौने पौधे पर विचार किया। उसने बौने पौधे के सारे फूलों को खोलकर उनके पुंकेसर हटा दिए। फिर उसने एक लम्बे पौधे के फूलों को खोलकर उनके परागकणों को निकालकर बौने पौधे के फलों के वर्तिकानों पर गिरा दिया। मेंडल ने इन दोनों जनक पौधे को जनक पीढ़ी कहा। इसने जो बीज बने उनसे उत्पन्न सारे पौधे लम्बे नस्ल के हुए। इस पीढ़ी के पौधे को मेंडल ने प्रथम संतति कहा। इसे `F_1` से इंगित किया। इस `F_1` पीढ़ी के पौधे में दोनों जनक (लम्बे एवं बौने) के गुण मौजूद थे। चूँकि लम्बेपन वाला गुण बौनेपन पर अधिक प्रभावी था। अत: बौनेपन का गुण मौजूद होने के बावजूद पौधे लम्बे हुए। मेंडल ने लम्बे पौधे के लिए .T. तथा बौने के लिए .t. का प्रयोग किया। इस तरह प्रथम पीढ़ी के सभी पौधे .Tt. गुणवाले हुए। इनमें T (लम्बापन), t(बौनेपन) पर प्रभावी था। इस कारण `F_1` पीढ़ी यानी प्रथम पीढ़ी के सभी पौधे लम्बे हुए।
चूँकि दोनों जनक पौधे शुद्ध रूप से लम्बे तथा बौने थे, इसलिए शुद्ध लम्बे पौधों को TT तथा शुद्ध बौने पौधे को tt द्वारा सूचित किया गया। `F_1` पीढ़ी के पौधे में दोनों गुण मौजूद थे, इस कारण इन्हें संकर नस्ल कहा गया। `F_1` पीढ़ी के पौधों को जब आपस में प्रजनन कराया गया अगली पीढ़ी `(F_2)` के पौधों में लम्बे और बौने का अनुपात 3:1 पाया गया अर्थात् कुल पौधों में से 75 प्रतिशत पौधे लम्बे (TT) तथा शेष संकर नस्ल के लम्बे (Tt) पौधे पैदा हुए अर्थात् संकर नस्ल के लम्बे पौधे के प्रभावी गुण (T) तथा अप्रभावी गुण (t) के मिश्रण थे।
इस आधार पर `F_2` पीढ़ी के पौधों के अनुपात 1:2: 1 यानि TT, 2Tt तथा tt (एक भाग शुद्ध लम्बे दो भाग संकर नस्ल के लम्बे तथा एक भाग शुद्ध बौने) से दर्शाया गया। 3:1 के अनुपात को लक्षणप्ररूपी अनुपात तथा 1:2:1 को जीन प्ररूपी अनुपात कहा जाता है। मेंडल के इस प्रयोग को एकसंकर संकरण कहा जाता है। %
जीनप्ररूपी अनुपात :TT:Tt:tt=1:2:1
लक्षणप्ररूपी अनुपात :लम्बा:बौना = 3:1
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