Home
Class 9
CHEMISTRY
अन्तराणुक बलों के आधार पर ठोस, द्रव तथा ...

अन्तराणुक बलों के आधार पर ठोस, द्रव तथा गैसों का वर्णन कीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

ठोसों में अन्तराणुक बल अत्यधिक प्रबल होते हैं तथा इसे बनाने वाले अवयव कण इस प्रकार व्यवस्थित होते हैं कि उनके मध्य रिक्त स्थान नगण्य होता है। इसी कारण ठोसों को संपीडित नहीं किया जा सकता तथा इनका घनत्व अधिक होता है।
द्रवों में अन्तराणुक बल इतने प्रबल होते हैं कि वे अवयव कणों को एक साथ बाँधे रख सकें, लेकिन इतने प्रबल नहीं होते कि अवयव कणों की स्थिति निश्चित रख सकें। इसी कारण द्रवों का आकार निश्चित नहीं होता तथा द्रव बहते हैं|
गैसों में अन्तराणुक बल नगण्य (अत्यधिक निर्बल) होते हैं। इसलिए गैसों के अवयव कण स्वतंत्र रूप से गतिशील होते हैं तथा उपलब्ध स्थान को घेर लेते हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • हमारे परिवेश के पदार्थ

    KIRAN PUBLICATION|Exercise अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न)|41 Videos
  • बहुवैकल्पिक प्रश्न अधिकोष

    KIRAN PUBLICATION|Exercise प्राकृतिक संसाधन|23 Videos
KIRAN PUBLICATION-हमारे परिवेश के पदार्थ -अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
  1. अन्तराणुक बलों के आधार पर ठोस, द्रव तथा गैसों का वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  2. गैसें बर्तन की दीवारों पर दाब क्यों डालती हैं? संपीडित गैसों के सामान्...

    Text Solution

    |

  3. निम्न पर टिप्पणी लिखें। दृढता

    Text Solution

    |

  4. निम्न पर टिप्पणी लिखें। तरलता

    Text Solution

    |

  5. निम्न पर टिप्पणी लिखें। बर्तन में गैस का भरना|

    Text Solution

    |

  6. निम्न पर टिप्पणी लिखें। गतिज ऊर्जा

    Text Solution

    |

  7. निम्न पर टिप्पणी लिखें। घनत्व

    Text Solution

    |

  8. कारण बताएँ गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है, जिसमें इसे रखते हैं।

    Text Solution

    |

  9. कारण बताएँ लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।

    Text Solution

    |

  10. कारण बताएँ हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं, लेकिन एक ठोस ल...

    Text Solution

    |