मादा जनन अंगों के समूह को मादा का जनन तंत्र कहते हैं। मुख्य मादा जननांग निम्नलिखित हैं (1) अंडाशय, (2) अंडवाहिनी नली, (3) गर्भाशय।
1. अंडाशय-मादा में एक जोड़ी अंडाशय होते हैं। इसमें अंड कोशिका (या अंडाणु) बनती है।
2. अंडवाहिनी नली-यह अंडाशय और गर्भाशय के बीच स्थित बहुत ही कुंडलित दो ऐसी नलिकाएँ हैं जिनका मुक्त सिरा कीप की तरह फैला हुआ होता है ताकि अंडाशय से निकलने वाले अंडे को ग्रहण कर सके। मादा के अंडे का निषेचन भी इसी नली के अंदर होता है। दोनों ओर की अंडवाहिनियां मिलकर एक कोष्ठ बनाती हैं जिसे गर्भाशय कहते हैं।
3. गर्भाशय-यह `7(1)/(2)xx52(1)/(2)` सें०मी० माप का एक आड़ के आकार का अंग है जो अंडवाहिनी नली से जुड़ा होता है। गर्भाशय की काय में तीन परतें होती हैं-(i) अंतः स्तर, (ii) मध्य स्तर, (iii) बाह्य स्तर।
गर्भाशय एक कोष्ठ में खुलता है जिसे योनि कहते हैं, जो 9 सें०मी० लंबी झिल्लीयुक्त नलिका होती है। इसका ऊपरी सिरा गर्भाशय व निचला सिरा एक छिद्र (भग) में खुलता है।