Home
Class 7
BIOLOGY
रेशम कीट के जीवनचक्र का वर्णन करें।...

रेशम कीट के जीवनचक्र का वर्णन करें।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

नर और मादा रेशम कीट अलग-अलग होते हैं। निषेचन आंतरिक होता है और मादा अंडे देती है। अंडे से पूर्ण रेशम कीट बनने की निम्नलिखित चार अवस्थाएँ हैं
1. अंडा-मादा कीट शहतूत की पत्तियों पर अंडे देती है। एक थाक में लगभग 200 से 300 अंडे होते हैं, जो एक चिपचिपे पदार्थ द्वारा पत्तियों से सटे होते हैं। अंडे पिन के सिर के आकार के और उजले होते हैं। बाद में यह गहरे धूसर रंग के हो जाते हैं जिनसे लार्वा बाहर निकलता है।
2. लार्वा या सुंडी-रेशम कीट की सुंडी प्रायः 2.5 सेंटीमीटर लंबी होती है। यह शहतूत की पत्तियों को खाकर बढ़ती है। यह लगातार 6 से 7 सप्ताह तक रुक-रुककर खाती रहती है जिससे इसकी लंबाई कुछ बढ़ जाती है। जब यह पूर्ण विकसित हो जाती है तो खाना बंद कर देती है।
3. प्यूपा-कैटरपिलर लार्वा एक चिपचिपा पदार्थ स्रावित करता है जो हवा के संपर्क में आते ही एक पतले रेशम के धागे का रूप ले लेता है। यह जीव धागे को अपने शरीर के चारों ओर लपेटना शुरू करता है तथा एक गोल रचना-सी बना देता है, जिसे कोकून कहते हैं। कोकून के अंदर एक अवधि के बाद लार्वा प्यूपा में बदल जाता है। इसकी अवधि 10-15 दिन होती है।
4. व्यस्क कीट-कायान्तरण के फलस्वरूप प्यूपा पूर्ण कीट में परिवर्तित हो जाता है। इसकी छह टाँगें तथा एक जोड़ी के पंख होते हैं। यह भी शहतूत पर ही अपना जीवन व्यतीत करता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • रेशों से वस्त्र तक

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (अध्याय का तीव्र अध्ययन)|21 Videos
  • रेशों से वस्त्र तक

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (लघूत्तरात्मक प्रश्न)|23 Videos
  • मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूलन

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise अध्याय का तीव्र अध्ययन|28 Videos
  • वन : हमारी जीवन रेखा

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise अध्याय का तीव्र अध्ययन |20 Videos
DEEPAK PUBLICATION-रेशों से वस्त्र तक -परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न)
  1. ऊन प्राप्त करने से वस्त्र बनाने तक की प्रक्रिया का वर्णन करें।

    Text Solution

    |

  2. रेशम कीट के जीवनचक्र का वर्णन करें।

    Text Solution

    |