उत्क्रमणीय तथा अनुक्रमणीय परिवर्तन किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
लिखित उत्तर
Verified by Experts
उत्क्रमणीय परिवर्तन-जिस परिवर्तन के विपरीत परिवर्तन भी हो सकता है, उसे उत्क्रमणीय परिवर्तन कहते हैं, जैसे लोहे की सलाई का चुंबक बनाना और चुंबक बनी सलाई को गर्म करके उसका चुंबकीय गुण समाप्त करना, छुई-मुई के पौधे की पत्तियाँ हाथ लगते ही मुरझा जाती हैं और हाथ हटाने के बाद थोड़ी देर में फिर से पहले जैसी हो जाती हैं। इसी प्रकार मंद प्रकाश में आँखों की पुतलियाँ फैल जाती हैं और तेज़ प्रकाश में ये सिकुड़ जाती हैं। अनुक्रमणीय परिवर्तन-जिन परिवर्तनों के विपरीत परिवर्तन नहीं हो सकता, वे अनुत्क्रमणीय परिवर्तन कहलाते हैं, जैसे लकड़ी के जलने के बाद राख, कोयले और धुएँ में बदल जाती है परंतु उस राख, कोयले और धुएँ को इकट्ठा करके लकड़ी प्राप्त नहीं की जा सकती। इसी प्रकार टायर का घिसना, गेहूँ का आटा बनना, रोटी पकाना, बीज का उगना और उसका वृक्ष बनना आदि अनुत्क्रमणीय परिवर्तन हैं।
टॉपर्स ने हल किए ये सवाल
हमारे चारों ओर के परिवर्तन
DEEPAK PUBLICATION|Exercise परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (लघूत्तरात्मक प्रश्न)|19 Videos
हमारे चारों ओर वायु
DEEPAK PUBLICATION|Exercise परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (निबंधात्मक प्रश्न)|1 Videos
DEEPAK PUBLICATION-हमारे चारों ओर के परिवर्तन -परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (निबंधात्मक प्रश्न)