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Class 6
PHYSICS
चुंबकीय दिक्सूचक की बनावट, कार्य दिशा मे...

चुंबकीय दिक्सूचक की बनावट, कार्य दिशा में ठहरना विधि और इसके उपयोग भी बतलाइए।

लिखित उत्तर

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सिद्धांत-चुंबक को स्वतंत्रतापूर्वक लटकाने पर वह सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है।
बनावट-चुंबकीय दिक्सूचक एक चुंबकीय सूई का बना होता है जिसके दोनों सिरे नुकीले होते हैं। यह सूई चुंबकीय सुई मध्य बिंदु पर एक कील पर टिकी होती है। इसका उत्तरी धव प्रायः काले रंग का होता है। यह किसी अचुंबकीय पदार्थ जैसे ऐलुमिनियम की डिब्बी में बंद रहती है जिसका ऊपरी ढक्कन पारदर्शक होता है। चुंबकीय सूई एक वृत्ताकार पैमाने के ऊपर घूमती है। पैमाने पर सभी मुख्य दिशाएँ अंकित रहती हैं। कार्य विधि-दिशा जानने के लिए चंबकीय सूई को | वृत्ताकार पैमाना
ऐलुमिनियम की डिब्बी स्वतंत्र रूप से एक स्थान पर रख दिया जाता है। चुंबकीय सई का उत्तरी सिरा पैमाने पर जिस अंकित स्थान पर आ जाता है, वह उस स्थान की दिशा का बोध कराता है।
उपयोग महासागरों, वायुयानों, घने जंगलों और अधिक ऊंचाई पर वायुमंडल में इसके द्वारा दिशा का ज्ञान प्राप्त किया जाता है।
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