ओजोन छिद्र क्या है? इसका क्या हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है? ओज़ोन छिद्र किस प्रकार बनता है?
लिखित उत्तर
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ओजोन छिद्र-ओजोन छिद्र वास्तव में एक छिद्र नहीं है बल्कि कुछ विशेष स्थानों पर ओजोन परत का पतला होना है। यह मुख्यतः आर्कटिक तथा अंटार्कटिक क्षेत्र के ऊपर स्थित है। ओजोन छिद्र के हानिकारक प्रभाव ओजोन परत के पतला होने के कारण यह पराबैंगनी विकिरणों को अवशोषित नहीं कर पाएगी, जिससे पराबैंगनी किरणें पृथ्वी की सतह तक पहुँच सकती हैं और निम्नलिखित हानिकारक प्रभाव उत्पन्न कर सकती हैं- (i) इससे मनुष्य तथा पशुओं में त्वचा कैंसर उत्पन्न हो सकता है। (ii) इससे मोतियाबिंद या अंधरता उत्पन्न हो सकती है। (iii) इससे शरीर में रोधक्षमता की कमी हो सकती है, जो शरीर की रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता को कम कर देती है। (iv) ये किरणें सूक्ष्मजीवों को मार सकती हैं, जो हमारे लिए लाभदायक हैं। (v) इनसे जीन उत्परिवर्तन हो सकता है। (vi) इनसे कृषि उत्पादन में कमी आ सकती है। (vii) इससे मौसम तथा वर्षा संबंधी परिवर्तन हो सकते हैं। ओज़ोन छिद्र बनने के कारण ओज़ोन छिद्र के बनने का कारण ओज़ोन गैस की कुछ रसायनों के साथ क्रिया होना है, जैसे एयरोसोल-क्लोरोफ्लुओरो - कार्बन (CFCs)। `CFC overset(UV)to Cl^-` `"हैलोजन" overset(UV)to Br^(-)` `Cl^(-) + O_3 to ClO^(-) + O_2` `ClO^(-) + O_3 to Cl^(-) + 2O_2` (i) इस हानि से बचने के लिए CFCs के उत्पादन में उल्लेखनीय कटौती की गई है। (ii) ओज़ोन छिद्र को भरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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