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BIOLOGY
मानव में जाइगोट का वर्षम तथा शिशु जन्म क...

मानव में जाइगोट का वर्षम तथा शिशु जन्म का वर्णन कीजिए।

लिखित उत्तर

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जाइमोह का वर्धन (Development of Zygote)- यह फैलोपियन नलिका में ही प्रारम्भ हो जाता है तथा गर्भावस्था (pregnancy) शुरू हो जाती है। यह भ्रूण गर्भाशय की भित्ति से चिपक जाता है। इसे इम्प्लान्टेशन (implantation) कहते हैं। अपरा (placenta) द्वारा भ्रूण को पोषण प्राप्त होता है। गैसों का आदान-प्रदान तथा वजर्य पदार्थों का त्यागना भी इसी के द्वारा होता है। जन्म तक का वर्धनकाल गर्भावस्था (gestation) कहलाता है। इसके पूर्ण होने पर (280 दिन अथवा 9 माह) शिशु का जन्म होता है। यह क्रिया हार्मोन्स द्वारा नियंत्रित होती है। जन्म के बाद शिशु का वजन लगभग 3.5 कि. ग्रा. होता है। ऑक्सीटोसिन (पीयूष ग्रन्थि का हार्मोन) गर्भाशय भित्ति (Endometrium) की अनैच्छिक पेशियों में संकुचन प्रारम्भ करता है जिसके बाद भ्रूण का गर्भाशय भित्ति से सम्पर्क टूट जाता है और प्रसव होता है। रिलेक्सिन हार्मोन पेल्विक लिगामेन्ट्स (Pelvic ligaments) को शिथिल करता है।
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