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Class 10
PHYSICS
नेत्र किस प्रकार निकट तथा दूर की वस्तुओं...

नेत्र किस प्रकार निकट तथा दूर की वस्तुओं के प्रतिबिंबों को रेटिना पर फोकस करता है?

लिखित उत्तर

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किसी वस्तु से आनेवाली प्रकाश किरणें जब नेत्र में प्रवेश करती हैं तो ये किरणें नेत्र-लेंस से अपवर्तित होकर रेटिना पर पड़ती हैं जिससे रेटिना पर वस्तु का वास्तविक, उलटा एवं छोटा प्रतिबिंब बनता है। मानव-मस्तिष्क द्वारा इस प्रतिबिंब का सीधा अनुभव होता है तथा वस्तु दिखाई पड़ती है। एक स्वस्थ नेत्र की यह विशेषता होती है कि वह बहुत दूर और समीप की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सके। जब वस्तु आँख से बहुत दूर अर्थात् अनंत पर हो तब आँख पर आपतित समानांतर किरणें स्वतः ही रेटिना पर फोकस हो जाती हैं। इस दशा में मांसपेशियाँ ढीली रहती हैं तथा उनपर कोई तनाव नहीं होता है। इस समय आँख शांत अवस्था में होती है तथा नेत्र-लेंस से रेटिना की दूरी नेत्र-लेंस की अधिकतम फोकस दूरी के बराबर होती है। परन्तु, जब बिंब समीप हो तो मांसपेशियाँ संकुचित हो जाती हैं, जिससे लेंस सिकुड़कर अधिक गोलाकार हो जाता है। - इस प्रकार, लेंस की फोकस-दूरी कम हो जाने से प्रतिबिंब पुनः रेटिना पर ही बन जाता है। चित्र में स्पष्ट दिखाया गया है। आँख की यह क्षमता जिससे नेत्र-लेंस की आकृति अथवा वक्रता-त्रिज्या स्वत: नियंत्रित होती रहती है, नेत्र की समंजन क्षमता कही जाती है।
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