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PHYSICS
द्वितीयक इन्द्रधनुष को समझायें।...

द्वितीयक इन्द्रधनुष को समझायें।

लिखित उत्तर

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इन्द्रधनुष, वर्षा के पश्चात् आकाश में जल के सूक्ष्म कणों में दिखाई देनेवाले प्राकृतिक स्पेक्ट्रम हैं।

यह वायुमंडल में उपस्थित जल की सूक्ष्म बूंदों द्वारा सूर्य के प्रकाश के परिक्षेपण के कारण प्राप्त होता है। इन्द्रधनुष सदैव सूर्य के विपरीत दिशा में बनता है। जल की सूक्ष्म बूंदें छोटे प्रिज्मों की भाँति कार्य करती है। सूर्य के आपतित प्रकाश को ये बूंदें अपवर्तित तथा विक्षेपित करती है तत्पश्चात् इसे आंतरिक परावर्तित करती है। अंतत: जल की बूंदें से बाहर निकलते समय प्रकाश को पुन: अपवर्तित करती है। प्रकाश के परिक्षेपण तथा आंतरिक परावर्तन के कारण विभिन्न वर्ण प्रेक्षक के नेत्रों तक पहुँचते हैं।
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